निकाय चुनावों में भाजपा नेता किरीट सोमैया के बेटे को बिना किसी मुकाबले वॉकओवर मिल गया है। इस सीट पर ठाकरे ब्रदर्स की पार्टियों से लेकर कांग्रेस और अन्य प्रमुख विपक्षी दलों ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। जानकारों के अनुसार, यह वॉकओवर कई कारकों का नतीजा है। सबसे बड़ा कारण भाजपा की मजबूत पकड़ और स्थानीय राजनीतिक समीकरण हैं, जिनके चलते विपक्ष को लगता है कि इस सीट पर जीत हासिल करना चुनौतीपूर्ण होगा।

इसके अलावा, कुछ दलों ने अपनी रणनीति और संसाधनों को देखते हुए इस क्षेत्र में दांव न लगाने का फैसला किया। कुछ पार्टी सूत्रों का कहना है कि अन्य महत्वपूर्ण सीटों पर फोकस बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया। विपक्ष की खामोशी ने चुनावी समीकरण को प्रभावित किया है और इसे लेकर राजनीतिक विश्लेषक भी अपने अनुमान व्यक्त कर रहे हैं। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि आगामी निकाय चुनाव में सत्ता और रणनीति दोनों की अहमियत कितनी बड़ी है, और कैसे स्थानीय समीकरण बड़े फैसलों पर असर डाल सकते हैं।