महाराष्ट्र में महायुति का फैसला: साथ मिलकर नगर निगम चुनाव लड़ेगी BJP और शिवसेना; दल-बदलने को लेकर भी बना नियम

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Shikha Bhardwaj

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महाराष्ट्र की राजनीति में रातों-रात बड़ा फैसला, भाजपा-शिवसेना साथ मिलकर लड़ेंगी सभी नगर निगम चुनाव

महाराष्ट्र की सियासत में सोमवार देर रात हुए हाई-लेवल मीटिंग के बाद राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। बंद कमरे में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद शिवसेना की ओर से आधिकारिक घोषणा की गई कि आगामी सभी नगर निगम चुनाव प्रदेश में भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) मिलकर गठबंधन के रूप में लड़ेंगे।महाराष्ट्र में महायुति को मिला 'छप्परफाड़' जनादेश, सत्ता और स्थिरता के साथ  मतदाता; MVA का अपने गढ़ में भी रहा बुरा हाल - Ruling Mahayuti gets mandate  in ...

यह कदम आने वाले महीनों में राजनीतिक समीकरणों को बड़ा बदल सकता है, खासकर मुंबई और ठाणे जैसे बड़े शहरी क्षेत्रों में।

फडणवीस–शिंदे की मीटिंग में बना गठबंधन का खाका

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बीच देर रात लंबी चर्चा हुई। बैठक में राज्य मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण भी मौजूद थे।

बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि महायुति शिविर अब स्थानीय निकाय चुनावों में एक संयुक्त ताकत के रूप में मैदान में उतरेगी, जिससे राज्य की शहरी राजनीति में मुकाबला और भी दिलचस्प हो जाएगा।

दल बदल पर कड़ी रोक — दोनों पार्टियों में आवाजाही बंद

मीटिंग का एक अहम फैसला यह भी रहा कि अब भाजपा और शिवसेना के नेता, पदाधिकारी या कार्यकर्ता एक-दूसरे की पार्टी में शामिल नहीं हो सकेंगे।
यह कदम दोनों दलों में चल रहे आंतरिक असंतोष और संभावित खींचतान को रोकने की रणनीति के तहत लिया गया है।

2–3 दिनों में सीट शेयरिंग पर शुरू होगी चर्चा

आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि आने वाले 48–72 घंटों में स्थानीय स्तर पर सीटों के बंटवारे पर बातचीत शुरू हो जाएगी।
हर नगर निगम में:

  • किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी

  • कौन से चेहरे चुनाव लड़ेंगे

  • क्षेत्रवार रणनीति कैसी होगी

इन सभी बिंदुओं पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा।

मुख्य मुकाबला — महायुति vs महा विकास आघाड़ी

इस बार का शहरी चुनाव सिर्फ ‘स्थानीय चुनाव’ नहीं बल्कि राजनीतिक ताकत की सबसे बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।
एक तरफ महायुति गठबंधन:

  • भाजपा

  • शिवसेना (शिंदे गुट)

  • एनसीपी (अजीत पवार गुट)

दूसरी ओर महा विकास आघाड़ी:

  • कांग्रेस

  • शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट)

  • एनसीपी (शरद पवार गुट)

मुंबई, ठाणे, पुणे और नवी मुंबई में इस मुकाबले के बेहद जोरदार रहने की उम्मीद है।

बैठक के पीछे का बड़ा राजनीतिक संदेश

राज्य में नगर निगम चुनाव लंबे समय से टलते आ रहे थे। ऐसे में भाजपा और शिंदे गुट का यह संयुक्त कदम एक संकेत है कि वे विपक्ष को मजबूत जवाब देने के लिए अब पूरी तरह एकजुट होकर मैदान में उतरना चाहते हैं।

विपक्ष भी पहले से तैयारी में जुटा है, इसलिए आमने-सामने की टक्कर लगभग तय मानी जा रही है।

Shikha Bhardwaj
Author: Shikha Bhardwaj

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