Maharashtra:आदित्य ठाकरे का दावा- सहयोगी पार्टी के 22 MLA फडणवीस के संपर्क में, कभी भी बदल सकते हैं पालाचिल्लाते हुए बाहर भागी, “साहब… लेकिन CCTV ने मीनाक्षी की साज़िश नाकाम कर दी”

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Shikha Bhardwaj

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शिवसेना (यूबीटी) के MLA आदित्य ठाकरे ने महायुति सरकार को लेकर एक बड़ा राजनीतिक दावा किया है। आदित्य के अनुसार, सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल एक सहयोगी दल के करीब 22 विधायक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के संपर्क में हैं और किसी भी वक्त पाला बदल सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में ये बयान खास चर्चा में है, क्योंकि आदित्य ने सीधे तौर पर नाम न लेते हुए इशारा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना की तरफ किया।दावोस में हुए महाराष्ट्र सरकार के MOU पर आदित्य ठाकरे ने उठाए सवाल, CM फडणवीस और मंत्री शिंदे पर साधा निशाना - Aditya Thackeray raised questions on Maharashtra ...

ज्ञात हो कि जून 2022 में शिंदे के नेतृत्व में हुए बड़े विद्रोह ने शिवसेना को दो हिस्सों में बाँट दिया था और उसी बगावत ने उद्धव ठाकरे की महाविकास अघाड़ी सरकार को गिरा दिया था।

‘कुछ विधायक CM के इशारों पर चल रहे’ – आदित्य का आरोप

आदित्य ठाकरे ने कहा कि सत्ता पक्ष की एक पार्टी में दो गुट बन चुके हैं, जिनमें से 22 विधायक फडणवीस के बेहद नजदीक दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इन विधायकों को “अच्छा फंड” मिल रहा है और वे “सीएम के इशारों पर नाचने” लगे हैं।

आदित्य ने आगे कहा कि उन्हीं 22 विधायकों में से एक खुद को “वाइस कैप्टन” बताता है। यह संकेत उद्योग मंत्री उदय सामंत की ओर माना जा रहा है। इससे पहले यूबीटी ने यह भी दावा किया था कि शिंदे और अजीत पवार के साथ सामंत को राज्य का तीसरा डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है।

विपक्ष के नेता की नियुक्ति में देरी पर भी उठाए सवाल

आदित्य ठाकरे ने राज्य विधानमंडल में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति लटकने पर भी सवाल उठाए। यूबीटी ने भास्कर जाधव का नाम विधानसभा में LOP (Leader of Opposition) के लिए भेजा है, लेकिन स्पीकर की तरफ से अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

जाधव ने विधासनभा सचिवालय से यह पूछते हुए पत्र लिखा है कि क्या विपक्षी दल को नेता प्रतिपक्ष पद का दावा करने के लिए 10% सीटों (288 में से 29) की शर्त अनिवार्य है?
क्योंकि पिछले चुनाव में कोई भी विपक्षी दल इस संख्या तक नहीं पहुँचा।

राज्य विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने कहा है कि उनका कार्यालय LOP के प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है और संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा।

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Author: Shikha Bhardwaj

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