लुधियाना के थाना सदर क्षेत्र में हुई फायरिंग की वारदात में नया खुलासा सामने आया है। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि हमलावरों ने अवैध हथियारों का इस्तेमाल किया था। अब पुलिस यह जानने में लगी है कि ये हथियार उन्हें किसने मुहैया कराए और सप्लाई चेन कहां से चल रही है।
घटना उस समय हुई जब युवक लवकरण सिंह, निवासी काउकें कला, बाबा रोडू शाह की दरगाह पर माथा टेकने के बाद वापस लौट रहा था। जैसे ही वह रास्ते में पहुंचा, स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने उस पर गोलियां चला दीं। एक गोली उसके कंधे के पास लगी, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
तीन आरोपी नामजद, सभी फरार
सदर पुलिस ने स्कॉर्पियो में सवार सोनू दोधरिया, डिप्पी वारिश और रणजीता, निवासी जगरांव, के खिलाफ मामला दर्ज किया है। तीनों आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्त में नहीं आया है।
पहले भी कई केसों में शामिल
थाना सदर इंचार्ज सुरजीत सिंह के अनुसार, तीनों आरोपी पहले भी फायरिंग, हत्या की कोशिश और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल रह चुके हैं। कई बार जेल जाने के बाद भी वे जमानत पर बाहर आकर फिर से गैंगवार जैसी घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं।
कोर्ट में हुए झगड़े से बढ़ी रंजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हमला पुरानी दुश्मनी का नतीजा है। गुरुवार को लुधियाना कोर्ट में पुराने केस की तारीख पर शेरू गुट और जज गुट आमने-सामने आ गए थे, जहाँ गुलशन कुमार उर्फ शेरू और जज राजपूत के बीच तीखी बहस हो गई थी।
मुख्य आरोपी सोनू दोधरियां जज गुट के साथ खड़ा था, जबकि घायल लवकरण सिंह शेरू गुट से ताल्लुक रखता है। इसी झगड़े की रंजिश में शाम होते-होते हमलावरों ने स्कॉर्पियो में पीछा कर लवकरण पर हमला कर दिया।
दोनों गुटों में पहले भी एक-दूसरे पर फायरिंग के मामले दर्ज हो चुके हैं। लंबे समय से वे एक-दूसरे पर दबदबा बनाने की कोशिश में लगे हैं।
हथियारों की सप्लाई की भी जांच
पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि:
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हमलावरों के पास अवैध हथियार कैसे पहुंचे?
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हथियार किसने उपलब्ध कराए?
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क्या इनके पीछे कोई बड़ा सप्लायर या गैंग सक्रिय है?
अधिकारियों के मुताबिक, हथियारों की सप्लाई चेन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी को मामले में आरोपित किया जाएगा।