मिर्जापुर जिले में शुक्रवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) राजगढ़ के शौचालय से नवजात बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनते ही वहां सफाई कार्य में तैनात कर्मचारी ने तुरंत डॉक्टरों को सूचना दी। चिकित्सकों ने शिशु को बाहर निकालकर उपचार शुरू किया, फिलहाल उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है।
ऐसे मिली बच्ची
सीएचसी में संविदा पर कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राम सकल सुबह जनरल वार्ड की सफाई कर रहे थे। तभी पास के शौचालय से बच्चे के रोने की ध्वनि सुनकर वह तुरंत वहां पहुंचे। अंदर देखा तो फर्श पर एक नवजात बालिका पड़ी हुई थी। उन्होंने तुरंत यह जानकारी ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर सर्वेश कुमार पांडेय को दी।
डॉक्टर और स्टाफ नर्स शिवा देवी मौके पर पहुंचे और नवजात को सावधानीपूर्वक उठाकर प्रसव कक्ष में ले जाया गया। नर्स द्वारा प्राथमिक देखभाल के बाद बच्ची को वार्मर पर रखकर इलाज शुरू किया गया। अस्पताल कर्मियों के अनुसार बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है।
पुलिस और चाइल्ड केयर विभाग को दी गई सूचना
घटना की जानकारी मिलते ही राजगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और शौचालय क्षेत्र की जांच की। साथ ही चाइल्ड केयर टीम को भी बुलाया गया है, जो आगे की कानूनी प्रक्रिया संभाल रही है।
चार दिन में दूसरी घटना
गौरतलब है कि सिर्फ चार दिन पहले नदीहार गांव के पास रेलवे लाइन किनारे एक नवजात का शव मिला था। अब अस्पताल के शौचालय में फिर से एक नवजात का मिलना इलाके में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रहा है। लोग आशंका जता रहे हैं कि क्षेत्र में नवजात परित्याग के मामलों में वृद्धि हो रही है।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अस्पताल आने-जाने वालों की लिस्ट खंगाल रही है ताकि पता लगाया जा सके कि बच्ची को शौचालय में कौन छोड़कर गया।