Delhi-NCR Air Pollution: दिल्ली-एनसीआर में सांस लेना मुश्किल, गंभीर स्तर पर AQI, जानें कहां है हवा ज्यादा खराब

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Delhi-NCR AQI Level Today : दिल्ली फिर जहरीले स्मॉग की चपेट में है। मंगलवार सुबह इंडिया गेट से लेकर आनंद विहार तक एक्यूआई बेहद चिंताजनक स्तर पर है। ग्रैप स्टेज-3 के तहत अब सरकारी और निजी दफ्तरों को केवल 50 फीसदी कर्मचारियों के साथ काम करना होगा।

राजधानी दिल्ली एक बार फिर घने जहरीले स्मॉग की चादर में लिपट दिखी। इंडिया गेट, एम्स, सफदरजंग अस्पताल, आनंद विहार और आईटीओ जैसे प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, शहर के कई हिस्सों में एक्यूआई ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया है, जिससे दिल्ली के लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

सीपीसीबी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार सुबह इंडिया गेट पर एक्यूआई 328, एम्स-सफदरजंग अस्पताल पर 323, आनंद विहार में 402, आईटीओ में 380 दर्ज किया गया।

दिल्ली में सोमवार सुबह की शुरुआत धुंध और हल्के कोहरे के साथ हुई, जबकि आसमान में स्मॉग की चादर छाई रही, जिससे दृश्यता भी प्रभावित हुई। इस कारण सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बेहद खराब श्रेणी में हवा बरकरार
दिल्ली में सोमवार सुबह की शुरुआत धुंध और हल्के कोहरे के साथ हुई, जबकि आसमान में स्मॉग की चादर छाई रही, जिससे दृश्यता भी प्रभावित हुई। इस कारण सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

एनसीआर में प्रदूषण का स्तर
सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 382 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। यह रविवार की तुलना में 9 अंकों की गिरावट है, लेकिन स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की बात करें तो नोएडा सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा, जहां एक्यूआई 397 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है। गाजियाबाद में यह 396, ग्रेटर नोएडा में 382 और गुरुग्राम में 286 रहा। वहीं, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ पाई गई, जहाँ सूचकांक 396 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। सक्रियता और बेहतर प्रबंधन का परिणाम बताया। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार सर्दियों के दौरान प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

आगामी दिनों में भी ‘बेहद खराब’ श्रेणी में हवा रहने का अनुमान
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार तक हवा की गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बनी रहने की संभावना है। इसका मतलब है कि सांस के मरीजों को आने वाले दिनों में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। CPCB के अनुसार, राजधानी के कई निगरानी स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ और कई अन्य पर ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई है।

आप ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना
आम आदमी पार्टी ने कहा कि राजधानी लगातार खतरनाक स्तर के प्रदूषण का सामना कर रही है। सोमवार को कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 450 के पार रिकॉर्ड किया गया, जिससे हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई। स्मॉग की चादर इतनी घनी थी कि इंडिया गेट और कर्तव्य पथ भी धुंध में खो गए। आम आदमी पार्टी ने इसे भाजपा सरकार की निष्क्रियता और लापरवाही का नतीजा बताया है।

आम के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दिल्लीवालों का दम घुट रहा है, लेकिन रेखा गुप्ता सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उनका कहना है कि चार इंजन की सरकार के बावजूद दिल्ली की हवा साल-दर-साल बदतर होती जा रही है और हर परिवार इस प्रदूषण का खामियाजा भुगत रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के चलते हजारों लोग बीमार पड़ रहे हैं, अस्पतालों में मरीज लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। वहीं आप की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि स्थिति बेहद भयावह है।

प्रदूषण पर आप के आरोपों पर भाजपा का पलटवार
प्रदूषण स्तर को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने 10 साल तक सत्ता में रहते हुए प्रदूषण नियंत्रण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए, आज वेे नेता भाजपा सरकार पर आरोप लगा रहे हैं।

सचदेवा ने कहा कि मौजूदा स्थिति चिंताजनक जरूर है लेकिन भाजपा सरकार के प्रयासों का असर दिख रहा है। उन्होंने दावा किया कि सोमवार को दिनभर दिल्ली के विभिन्न इलाकों में औसत प्रदूषण स्तर एक्यूआई 400 से नीचे रहा, जबकि पिछले वर्ष 24 नवंबर 2024 को दिल्ली का औसत एक्यूआई 450 के पार था। उन्होंने इसे सरकार की सक्रियता और बेहतर प्रबंधन का परिणाम बताया। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार सर्दियों के दौरान प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

 

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