Ujjain News: सरपंच की स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर तालाब में गिरी, सात घंटे के रेस्क्यू के बाद मिला शव

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Shikha Bhardwaj

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शहर से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कचनारिया में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। गांव के सरपंच ऋतुराज सिंह झाला (56 वर्ष) अपनी स्कॉर्पियो सहित तालाब में गिर गए। चंद ही मिनटों में गाड़ी पूरी तरह पानी में डूब गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग और सरपंच का परिवार मौके पर पहुंच गया, जबकि नरवर पुलिस और एसडीआरएफ टीम ने तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
कड़ी मशक्कत के बाद देर रात स्कॉर्पियो बाहर निकाली गई, लेकिन सर्पंच को बचाया नहीं जा सका।Sarpanch falls into pond along with car in Ujjain | सरपंच का कार समेत तालाब  में डूबने का VIDEO: उज्जैन में 20 फीट गहराई में डूबी; 5 घंटे बाद एनडीआरएफ  ने निकाला

हादसा शाम 4:30 बजे के आसपास, गाड़ी में ही फंसे रह गए सरपंच

नरवर थाना प्रभारी बल्लू मंडलोई के अनुसार शाम लगभग साढ़े चार बजे सूचना मिली कि स्कॉर्पियो तालाब में जा गिरी है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो पता चला कि गाड़ी में खुद सरपंच भी सवार थे
स्थानीय लोगों की मदद से राहत कार्य शुरू किया गया और तुरंत एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया

अंधेरा, गहराई और कीचड़ ने बढ़ाई मुश्किलें — बार-बार टूट रहा पट्टा

रेस्क्यू टीम ने स्कॉर्पियो को बाहर खींचने के लिए क्रेन मंगाई, लेकिन तालाब की 20–30 फीट गहराई और नीचे जमा भारी कीचड़ ने अभियान को बेहद कठिन बना दिया।

  • अंधेरा बढ़ने पर लाइट की व्यवस्था करनी पड़ी

  • गाड़ी कीचड़ में बुरी तरह धंस चुकी थी

  • रेस्क्यू में इस्तेमाल पट्टे कई बार टूट गए

  • गोताखोरों को भी गहराई और कीचड़ के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा

लगभग सात घंटे की लगातार कोशिशों के बाद रात 11 बजे स्कॉर्पियो को बाहर निकाल लिया गया।
लेकिन उस समय तक सरपंच ऋतुराज सिंह की मौत हो चुकी थी

कांग्रेस के सक्रिय सदस्य, गांव में कराया था कई विकास कार्य

सरपंच के भाई रघुराज सिंह ने बताया कि ऋतुराज सिंह वर्ष 1982 से कांग्रेस से जुड़े थे।
वर्ष 2022 में उन्होंने पहली बार चुनाव लड़ा और सरपंच चुने गए।
अपने कार्यकाल में उन्होंने:

  • स्कूल जाने का रास्ता बनाया

  • गांव के श्मशान के लिए निजी जमीन दान दी

  • कई विकास परियोजनाएं शुरू कराईं

  • गर्मियों में तालाब का गहरीकरण करवाया

  • पंचायत भवन का निर्माण कार्य भी जारी था, जिसकी ओपनिंग अगले महीने तय थी

ग्रामीणों के अनुसार उनका स्वभाव बेहद मिलनसार था और वे हर परिवार की समस्या में साथ खड़े रहते थे।

परिवार में दुख का माहौल, गांव में शोक की लहर

ऋतुराज सिंह तीन भाइयों में सबसे बड़े थे।
उनके एक बेटा और एक बेटी हैं, दोनों की शादी हो चुकी है।
सोमवार शाम वे अपनी काली स्कॉर्पियो से खेत की ओर जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।

घटना के बाद पूरे गांव में शोक और स्तब्धता का माहौल है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव ने एक ऐसा जनप्रतिनिधि खो दिया, जिसने हमेशा सबको साथ लेकर विकास को प्राथमिकता दी।

Shikha Bhardwaj
Author: Shikha Bhardwaj

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