
मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेता दिख रहा है। रविवार को दक्षिणी जिलों में बादल छाए रहे, वहीं भोपाल में भी दिन के समय ठंडक बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक शीतलहर का खतरा नहीं है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ और निम्न दाब क्षेत्र के प्रभाव से दक्षिणी हिस्से में बादल छाए रह सकते हैं। यदि यह सिस्टम अधिक सक्रिय हुआ तो हल्की बूंदाबांदी भी संभव है। शनिवार-रविवार की रात प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा। भोपाल में तापमान 9.4 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम पारा 5.6 डिग्री दर्ज किया गया। शाजापुर, रीवा, सतना और नर्मदापुरम में 500 से 1000 मीटर तक विजिबिलिटी दर्ज की गई। भोपाल में रात 10 बजे के बाद धुंध छाने लगती है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, 28 नवंबर तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। बारिश की कोई स्थिति नहीं बन रही है। रात के तापमान में 1-2 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन सुबह-शाम ठंड का असर तेज बना रहेगा। विभाग ने ठंड से बचने की एडवाइजरी जारी की है। आमतौर पर नवंबर के दूसरे पखवाड़े से ठंड तेज होती है, लेकिन इस बार हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में समय से पहले बर्फबारी होने से प्रदेश में ठंड जल्दी बढ़ गई।भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चली-1931 के बाद यह सबसे लंबी अवधि है। यहां न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री तक गिर गया, जो अब तक का रिकॉर्ड है। इंदौर में भी 25 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया।