ट्रेविस हेड की यह पारी एशेज इतिहास, ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट और टेस्ट क्रिकेट की आक्रामक सोच का नया अध्याय मानी जाएगी। उन्होंने दिखाया कि सही मौके पर सही खिलाड़ी क्या कर सकता है और कैसे एक मैच, एक सत्र, और एक पारी टेस्ट क्रिकेट की दिशा बदल सकती है।
पर्थ में खेले गए एशेज सीरीज के पहले टेस्ट में ट्रेविस हेड ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसे आने वाले कई वर्षों तक याद रखा जाएगा। इंग्लैंड के खिलाफ महज दो दिन में खत्म हुए इस मुकाबले में हेड ने 83 गेंदों में 123 रनों की तूफानी पारी खेली और ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से बड़ी जीत दिलाई। यह सिर्फ एक पारी नहीं थी, बल्कि रणनीति, मानसिक मजबूती और मौके को भुनाने का परफेक्ट कॉम्बिनेशन थी।

पर्थ मास्टरस्ट्रोक: ओपनिंग पर भेजा और हेड ने बना डाला इतिहास
ऑस्ट्रेलिया टीम मैनेजमेंट का फैसला मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। नियमित ओपनर उस्मान ख्वाजा पीठ में खिंचाव की वजह से वह दोनों पारियों में ओपनिंग बल्लेबाजी करने नहीं आए। पहली पारी में तो ख्वाजा की जगह जेक वेदराल्ड के साथ मार्नस लाबुशेन ओपनिंग उतरे और सिर्फ नौ रन बना सके थे। हालांकि, दूसरी पारी में टीम मैनेजमेंट ने हेड को वेदराल्ड के साथ भेजा और इस फैसले ने ऑस्ट्रेलिया की किस्मत पलट कर रख दी। पहली पारी के बाद बैकफुट पर रही ऑस्ट्रेलियाई टीम को हेड ने अपने दम पर मैच जिताया। शुरुआत से ही हेड ने आक्रामक बल्लेबाजी की। उन्होंने कुछ ओवर लेकर पिच की गति और उछाल का अंदाजा लगाया और फिर सेट होकर उन्होंने इंग्लिश गेंदबाजों पर किसी तूफान की तरह अटैक किया।
ऑस्ट्रेलिया टीम मैनेजमेंट का फैसला मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। नियमित ओपनर उस्मान ख्वाजा पीठ में खिंचाव की वजह से वह दोनों पारियों में ओपनिंग बल्लेबाजी करने नहीं आए। पहली पारी में तो ख्वाजा की जगह जेक वेदराल्ड के साथ मार्नस लाबुशेन ओपनिंग उतरे और सिर्फ नौ रन बना सके थे। हालांकि, दूसरी पारी में टीम मैनेजमेंट ने हेड को वेदराल्ड के साथ भेजा और इस फैसले ने ऑस्ट्रेलिया की किस्मत पलट कर रख दी। पहली पारी के बाद बैकफुट पर रही ऑस्ट्रेलियाई टीम को हेड ने अपने दम पर मैच जिताया। शुरुआत से ही हेड ने आक्रामक बल्लेबाजी की। उन्होंने कुछ ओवर लेकर पिच की गति और उछाल का अंदाजा लगाया और फिर सेट होकर उन्होंने इंग्लिश गेंदबाजों पर किसी तूफान की तरह अटैक किया।

रिकॉर्ड्स की झड़ी: एशेज इतिहास की दूसरी सबसे तेज सेंचुरी
हेड ने बल्लेबाजी को ऐसे मोड में बदल दिया कि इंग्लैंड के बॉलर्स पूरी तरह बैकफुट पर चले गए। उन्होंने 36 गेंद पर 50 रन पूरे किए और फिर 69 गेंद पर टेस्ट करियर का 10वां शतक जड़ दिया। यह एशेज में दूसरी सबसे तेज सेंचुरी रही। उनसे तेज शतक सिर्फ महान एडम गिलक्रिस्ट ने बनाया था, जिन्होंने इसी मैदान पर 2006-07 एशेज में 57 गेंदों में शतक जड़ा था। वहीं, टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी ओपनर द्वारा संयुक्त रूप से सबसे तेज शतक रहा। यह चौथी पारी में लक्ष्य का पीछा करते हुए अब तक का सबसे तेज शतक भी है।
हेड ने बल्लेबाजी को ऐसे मोड में बदल दिया कि इंग्लैंड के बॉलर्स पूरी तरह बैकफुट पर चले गए। उन्होंने 36 गेंद पर 50 रन पूरे किए और फिर 69 गेंद पर टेस्ट करियर का 10वां शतक जड़ दिया। यह एशेज में दूसरी सबसे तेज सेंचुरी रही। उनसे तेज शतक सिर्फ महान एडम गिलक्रिस्ट ने बनाया था, जिन्होंने इसी मैदान पर 2006-07 एशेज में 57 गेंदों में शतक जड़ा था। वहीं, टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी ओपनर द्वारा संयुक्त रूप से सबसे तेज शतक रहा। यह चौथी पारी में लक्ष्य का पीछा करते हुए अब तक का सबसे तेज शतक भी है।

ट्रेविस हेड ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया में ओपनिंग की
इस मैच में एक अहम बात यह रही कि ट्रेविस हेड ओवरऑल टेस्ट में 10वीं बार और ऑस्ट्रेलिया में यानी अपने देश में पहली बार ओपनिंग के लिए आए। पहली बार उन्होंने यह भूमिका ऑस्ट्रेलियाई धरती पर निभाई है और क्या खूब निभाई है। बतौर ओपनर अपनी सरमजीं पर उन्होंने तहलका मचाते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम को जीत दिलाई। इससे पहले उन्होंने नौ बार ओपनिंग एशियाई सरजमीं पर की थी।
इस मैच में एक अहम बात यह रही कि ट्रेविस हेड ओवरऑल टेस्ट में 10वीं बार और ऑस्ट्रेलिया में यानी अपने देश में पहली बार ओपनिंग के लिए आए। पहली बार उन्होंने यह भूमिका ऑस्ट्रेलियाई धरती पर निभाई है और क्या खूब निभाई है। बतौर ओपनर अपनी सरमजीं पर उन्होंने तहलका मचाते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम को जीत दिलाई। इससे पहले उन्होंने नौ बार ओपनिंग एशियाई सरजमीं पर की थी।

टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया का टी20 अंदाज, 29 ओवर में खत्म किया
ऑस्ट्रेलिया ने पर्थ में खेले गए एशेज सीरीज के पहले मुकाबले में इंग्लैंड को आठ विकेट से हरा दिया है। यह मुकाबला महज दो दिन में खत्म हुआ। इंग्लैंड की टीम शनिवार को अपनी दूसरी पारी में 164 रन पर सिमट गई थी। कंगारुओं के सामने इंग्लिश टीम ने 205 रन का लक्ष्य रखा था। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने दो विकेट गंवाकर महज 28.2 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने टी20 के अंदाज में खेलते हुए जीत हासिल की। कंगारुओं की इस जीत के नायक ट्रेविस हेड रहे, जिन्होंने 83 गेंद में 16 चौके और चार छक्कों की मदद से 123 रन की तूफानी पारी खेली। वह ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट में पहली बार बतौर ओपनर उतरे और तहलका मचा दिया। इसके अलावा मार्नस लाबुशेन 49 गेंद में 51 रन बनाकर नाबाद रहे।
ऑस्ट्रेलिया ने पर्थ में खेले गए एशेज सीरीज के पहले मुकाबले में इंग्लैंड को आठ विकेट से हरा दिया है। यह मुकाबला महज दो दिन में खत्म हुआ। इंग्लैंड की टीम शनिवार को अपनी दूसरी पारी में 164 रन पर सिमट गई थी। कंगारुओं के सामने इंग्लिश टीम ने 205 रन का लक्ष्य रखा था। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने दो विकेट गंवाकर महज 28.2 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने टी20 के अंदाज में खेलते हुए जीत हासिल की। कंगारुओं की इस जीत के नायक ट्रेविस हेड रहे, जिन्होंने 83 गेंद में 16 चौके और चार छक्कों की मदद से 123 रन की तूफानी पारी खेली। वह ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट में पहली बार बतौर ओपनर उतरे और तहलका मचा दिया। इसके अलावा मार्नस लाबुशेन 49 गेंद में 51 रन बनाकर नाबाद रहे।

बढ़ते के बावजूद इंग्लैंड को मिली हार
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी की और शुक्रवार को पूरी टीम 33 ओवर के अंदर 172 रन पर सिमट गई थी। ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिचेल स्टार्क ने कहर बरपाते हुए सात विकेट झटके, जबकि डेब्यूटेंट डॉगेट को दो विकेट मिले। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने शुक्रवार तक नौ विकेट गंवा दिए थे और शनिवार को टीम 132 रन पर ऑलआउट हो गई। इंग्लैंड को पहली पारी के आधार पर 40 रन की बढ़त मिली। इंग्लैंड की ओर से कप्तान बेन स्टोक्स ने पांच विकेट लिए, जबकि ब्राइडन कार्स को तीन और जोफ्रा आर्चर को दो विकेट मिले। दूसरे दिन इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 164 रन बनाए और कुल बढ़त 204 रन की हुई। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने आठ विकेट से जीत हासिल की।
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी की और शुक्रवार को पूरी टीम 33 ओवर के अंदर 172 रन पर सिमट गई थी। ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिचेल स्टार्क ने कहर बरपाते हुए सात विकेट झटके, जबकि डेब्यूटेंट डॉगेट को दो विकेट मिले। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने शुक्रवार तक नौ विकेट गंवा दिए थे और शनिवार को टीम 132 रन पर ऑलआउट हो गई। इंग्लैंड को पहली पारी के आधार पर 40 रन की बढ़त मिली। इंग्लैंड की ओर से कप्तान बेन स्टोक्स ने पांच विकेट लिए, जबकि ब्राइडन कार्स को तीन और जोफ्रा आर्चर को दो विकेट मिले। दूसरे दिन इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 164 रन बनाए और कुल बढ़त 204 रन की हुई। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने आठ विकेट से जीत हासिल की।

सोशल मीडिया पर बौखलाहट और तारीफ दोनों
हेड की पारी के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। अश्विन ने हेड की पारी के दौरान लिखा, ‘इंग्लैंड के पास इसका जवाब नहीं है।’ एक और फैन ने इंग्लैंड की टीम पर तंज कसते हुए लिखा, ‘ये असली बैजबॉल है… वो भी मुश्किल पिच पर।’ वहीं, एक भारतीय फैन ने लिखा, ‘किसी और टीम को ट्रेविस हेड का शिकार बनते देख अच्छा लग रहा है।’ हेड ने 2023 वनडे विश्व कप और 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भारत को हराने में अहम भूमिका निभाई थी।
हेड की पारी के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। अश्विन ने हेड की पारी के दौरान लिखा, ‘इंग्लैंड के पास इसका जवाब नहीं है।’ एक और फैन ने इंग्लैंड की टीम पर तंज कसते हुए लिखा, ‘ये असली बैजबॉल है… वो भी मुश्किल पिच पर।’ वहीं, एक भारतीय फैन ने लिखा, ‘किसी और टीम को ट्रेविस हेड का शिकार बनते देख अच्छा लग रहा है।’ हेड ने 2023 वनडे विश्व कप और 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भारत को हराने में अहम भूमिका निभाई थी।

क्या हेड ऑस्ट्रेलिया के भविष्य के स्थायी ओपनर?
ये टेस्ट मैच सिर्फ एक जीत नहीं था। ये भूमिका परिवर्तन का इशारा था। यह टेस्ट हेड की बतौर ओपनर 10वीं पारी थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की धरती पर पहली बार वह ओपनिंग करने उतरे और उन्होंने तहलका मचा दिया। अब सवाल उठता है- क्या ट्रेविस हेड ऑस्ट्रेलिया के भविष्य के स्थायी ओपनर बनेंगे? अगर जवाब प्रदर्शन पर आधारित है, तो पर्थ ने साफ कह दिया है- हां। लेकिन, ऐसा होना संभव नहीं है। ख्वाजा के साथ आगे वेदराल्ड ही ओपनिंग करते दिख सकते हैं। हालांकि, ट्रेविस हेड की यह पारी एशेज इतिहास, ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट और टेस्ट क्रिकेट की आक्रामक सोच का नया अध्याय मानी जाएगी। उन्होंने दिखाया कि सही मौके पर सही खिलाड़ी क्या कर सकता है और कैसे एक मैच, एक सत्र, और एक पारी टेस्ट क्रिकेट की दिशा बदल सकती है।
ये टेस्ट मैच सिर्फ एक जीत नहीं था। ये भूमिका परिवर्तन का इशारा था। यह टेस्ट हेड की बतौर ओपनर 10वीं पारी थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की धरती पर पहली बार वह ओपनिंग करने उतरे और उन्होंने तहलका मचा दिया। अब सवाल उठता है- क्या ट्रेविस हेड ऑस्ट्रेलिया के भविष्य के स्थायी ओपनर बनेंगे? अगर जवाब प्रदर्शन पर आधारित है, तो पर्थ ने साफ कह दिया है- हां। लेकिन, ऐसा होना संभव नहीं है। ख्वाजा के साथ आगे वेदराल्ड ही ओपनिंग करते दिख सकते हैं। हालांकि, ट्रेविस हेड की यह पारी एशेज इतिहास, ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट और टेस्ट क्रिकेट की आक्रामक सोच का नया अध्याय मानी जाएगी। उन्होंने दिखाया कि सही मौके पर सही खिलाड़ी क्या कर सकता है और कैसे एक मैच, एक सत्र, और एक पारी टेस्ट क्रिकेट की दिशा बदल सकती है।