MP Weather Today: मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड, तोड़े पिछले रिकॉर्ड,आज प्रदेश के 21 जिलों में शीतलहर का अलर्ट

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बर्फीली उत्तरी हवाओं ने मध्यप्रदेश में सर्दी को चरम पर पहुंचा दिया है। सुबह-शाम ही नहीं, अब दिन में भी तेज ठिठुरन महसूस हो रही है। कई जिलों में शीतलहर का असर गहराया तो कुछ जगहों पर कोहरा भी फैलने लगा है। रिकॉर्ड तोड़ गिरावट के बीच मौसम विभाग ने कई जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है।

MP Weather Today: Severe cold in Madhya Pradesh, breaking previous records; cold wave alert in 21 districts of

प्रदेश इस समय कड़ाके की ठंड की गिरफ्त में है। तेज बर्फीली हवाओं ने हालात ऐसे बना दिए हैं कि सुबह-शाम के साथ अब दिन में भी ठिठुरन महसूस की जा रही है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर सहित कई जिलों में शीतलहर का असर जारी है। मंगलवार को 15 से अधिक जिलों में सर्द हवाएं चलीं और बुधवार को भी मौसम में कोई खास राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इसी बीच कोहरा भी बढ़ने लगा है। भोपाल में मंगलवार शाम से ही हल्की धुंध छा गई थी।

21 जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट
मौसम विभाग ने बुधवार के लिए भोपाल, इंदौर, राजगढ़, जबलपुर, शाजापुर, सीहोर, देवास, खंडवा, खरगोन, धार, बड़वानी, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, शहडोल, कटनी और उमरिया में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।

18 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे
सोमवार-मंगलवार की रात तापमान लगातार गिरावट में रहा। 18 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से भी नीचे दर्ज किया गया। राजगढ़ सबसे सर्द रहा, जहां पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। पचमढ़ी में 6.4 डिग्री, उमरिया में 7.6 डिग्री, नौगढ़ में 7.8 डिग्री, शिवपुरी में 8, बैतूल में 8.7, धार में 8.8, मलाजखंड में 8.9, खंडवा में 9.4, छिंदवाड़ा में 9.5 और खरगोन-मंडला में 9.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।

बड़े शहरों में भी कड़ाके की ठंड
भोपाल का तापमान एक दिन पहले की तुलना में 3 डिग्री बढ़ा है। रविवार-सोमवार की रात 5.2 डिग्री पारे ने 84 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था। अब यह बढ़कर 8.2 डिग्री पर पहुंच गया है। इंदौर में 7.7 डिग्री, ग्वालियर में 10.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में रात का तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
84 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
16-17 नवंबर की रात भोपाल में नवंबर का न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री दर्ज हुआ, जो 1941 के 6.1 डिग्री के रिकॉर्ड को पार कर गया। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, साफ मौसम और उत्तरी हवाओं के कारण ठंड और बढ़ रही है। 22 नवंबर से दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में बनने वाला निम्न दबाव क्षेत्र मौसम को फिर बदल सकता है। तब तक प्रदेश में शीतलहर का असर बना रहेगा। पिछले 10 वर्षों से नवंबर में ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड देखने को मिल रहा है। इस बार भी अक्टूबर में 121% ज्यादा बारिश हुई। 30 अक्टूबर को भोपाल में दिन का तापमान 24 डिग्री रहा, जो 25 साल में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। उज्जैन, छतरपुर और नरसिंहपुर में भी दिन का तापमान 24 डिग्री से नीचे रहा।
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Author: NIMRA SALEEM

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