Traffic Violation: लगातार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, यहां 34,000 वाहनों का पंजीकरण हो सकता है रद्द!

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ओडिशा में परिवहन विभाग ने 34,000 गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन सस्पेंड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। क्योंकि इन वाहनों के मालिक बार-बार मोटर व्हीकल (MV) नियमों का उल्लंघन करते पकड़े गए हैं।

Transport Department in this State Start Process to Suspend 34000 Vehicles Registrations for Traffic Violation

विस्तार

भुवनेश्वर में परिवहन विभाग ने 34,000 गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन सस्पेंड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। क्योंकि इन वाहनों के मालिक बार-बार मोटर व्हीकल (MV) नियमों का उल्लंघन करते पकड़े गए हैं। सरकार ने हाल ही में एक वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम शुरू की है। जिसके तहत वाहन मालिकों को अपने पुराने चालान भरने के लिए 6 महीने का मौका दिया गया है। अगर वे इस अवधि में जुर्माना चुका देते हैं, तो उनकी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रद्द होने से बच सकता है|

बार-बार गलती करने वाले वाहनों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा
सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स, 1989 की धारा 167 के अनुसार, जो वाहन बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और उन्हें सड़कों पर चलने से रोका जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य परिवहन आयुक्त अमिताभ ठाकुर ने कहा, “हम मोटर व्हीकल नियमों के उल्लंघन को लेकर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाए हुए हैं। बार-बार गलती करने वालों के लिए कानून सख्त है। हमने आदतन अपराधियों की गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट करने और उनकी रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।”

2020 से 2025 के बीच बार-बार पकड़ी गईं ये गाड़ियां
विभाग के सूत्रों के मुताबिक, ये 34 हजार वाहन, जिनमें निजी, वाणिज्यिक और दोपहिया सभी शामिल हैं, 2020 से 2025 के बीच कई बार ट्रैफिक नियम तोड़ते पकड़े गए। कई वाहनों पर तो 10 से लेकर 162 तक चालान लंबित हैं, जिनमें कुछ सरकारी विभागों की गाड़ियां भी शामिल हैं। अमिताभ ठाकुर ने बताया, “अगर वाहन मालिक OTS स्कीम का फायदा उठाकर जुर्माना चुका देते हैं, तो उनकी गाड़ी की रजिस्ट्रेशन सस्पेंशन वापस ले ली जाएगी। बार-बार गलती करने वाले चालकों से सड़क पर दूसरों की जान को बड़ा खतरा होता है।” 

ई-चालान सिस्टम से होगी निगरानी
कमिश्नरेट पुलिस ने परिवहन विभाग को 258 गाड़ियों की लिस्ट भेजी है, जिन्हें ‘बार-बार उल्लंघन करने वाले वाहन’ की श्रेणी में रखा गया है। पुलिस अब ऐसे वाहनों पर ई-चालान डेटाबेस के जरिए नजर रखेगी। जैसे ही किसी वाहन पर चालान कटता है, उसकी जानकारी डेटाबेस में सेव हो जाती है। अगर वही गाड़ी फिर किसी उल्लंघन में पकड़ी जाती है, तो सिस्टम अपने-आप उसे पहचान लेता है।

ऑनलाइन भर सकेंगे चालान
सरकार द्वारा 17 सितंबर 2025 को जारी की गई वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम के तहत 31 जुलाई 2025 तक के सभी लंबित ई-चालानों पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। यह स्कीम मोटर व्हीकल एक्ट की 24 धाराओं को कवर करती है, जिनमें बिना हेलमेट गाड़ी चलाना, बिना सीटबेल्ट ड्राइव करना, ड्राइविंग लाइसेंस या इंश्योरेंस न होना जैसी गलतियां शामिल हैं। यह स्कीम नोटिफिकेशन की तारीख से 6 महीने तक मान्य है।

वाहन मालिकों को चालान भरने के लिए आरटीओ दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है। वे बस ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपना वाहन नंबर या चालान नंबर डालकर, ओटीपी से वेरिफाई करके, डिस्काउंटेड रेट पर ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं।

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Author: ILMA NEWSINDIA

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