शहर में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों को लेकर स्थानीय नागरिकों में आक्रोश व्याप्त है। एक हादसे में घायल व्यक्ति की एम्बुलेंस में देरी की वजह से मौत हो गई।

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शहर के एनएच-58 पर ईनाणा के पास रविवार रात लगभग 9:30 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पिता-पुत्र के रिश्ते को हमेशा के लिए तोड़ दिया। मूंडवा निवासी श्यामसुंदर भाटी (45) अपने 22 वर्षीय बेटे राहुल भाटी के साथ स्कूटी पर नागौर से मूंडवा लौट रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि श्यामसुंदर गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरी चोटें आईं और वे लहूलुहान हो गए।
हादसे का मंजर हृदय विदारक था। घायल बेटे राहुल ने जिसके सिर में भी चोटें थीं, हिम्मत दिखाते हुए अपने पिता को गोद में लिया और सड़क पर ही एंबुलेंस का इंतजार किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे की सूचना देने के बावजूद एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची। जब तक पिता-पुत्र को अस्पताल ले जाया गया, बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने श्यामसुंदर को मृत घोषित कर दिया, जबकि राहुल को सिर की चोट के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि समय पर चिकित्सा सहायता मिलती तो शायद श्यामसुंदर की जान बच सकती थी। इस मामले में अस्पताल चौकी पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एक अन्य हादसे में नागौर शहर के बासनी पुलिया के नीचे एक अन्य हादसा हुआ, जब एक चलती कार पर बिजली का पोल गिर गया। इस घटना में कार चालक को मामूली चोटें आईं, जबकि दूसरी ओर बैठे व्यक्ति को गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायल को नागौर के पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय चिकित्सालय ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को जोधपुर रैफर कर दिया गया।
स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए, क्योंकि पोल की खराब स्थिति पहले से ही चिंता का विषय थी। इस मामले में भी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
इन दोनों घटनाओं ने प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागौर में बढ़ते सड़क हादसों ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है और वे प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।