सीहोर जिले के बुधनी नगर में सोमवार को दो मासूम बच्चों के अचानक लापता होने की खबर से हड़कंप मच गया। शुरुआती जानकारी सोशल मीडिया पर फैलते ही यह अफवाह उड़ गई कि किसी अज्ञात महिला ने बच्चों का अपहरण कर लिया है। लेकिन पुलिस जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने सभी को हैरान कर दिया। दरअसल, बच्चों को उठाने वाली कोई और नहीं, बल्कि उनकी सगी मां ही थी।
CCTV फुटेज से खुला राज
नगर पुलिस ने जब आसपास के CCTV कैमरे खंगाले तो साफ दिखाई दिया कि काली साड़ी पहनी महिला और हेलमेट लगाए एक युवक बाइक से बच्चों को लेकर जा रहे हैं। जांच आगे बढ़ी तो महिला की पहचान नीतू उर्फ नीरजपुरी (29) के रूप में हुई, जो बच्चों की मां है।
पति-पत्नी के बीच विवाद
जानकारी के मुताबिक नीतू और उसके पति मुकेश पुरी के बीच पिछले कई महीनों से विवाद चल रहा है। मामला वर्तमान में बैतूल अदालत में विचाराधीन है। कोर्ट ने बच्चों की कस्टडी पिता को दी थी, जिसके चलते वे दादा-दादी के साथ बुधनी में रह रहे थे।
दादी को पहले से था शक
बच्चों की दादी शारदा बाई ने पुलिस को बताया कि उन्हें पहले से शक था कि बच्चों को उनकी मां ही ले जा सकती है। उनका कहना था कि नीतू बार-बार बच्चों से मिलने की जिद करती थी, लेकिन परिवार उसे अनुमति नहीं देता था।
पुलिस की तत्परता से बचाए गए बच्चे
घटना की जानकारी मिलते ही नगर निरीक्षक चैन सिंह रघुवंशी ने टीम बनाकर जांच शुरू की। नीतू के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की गई और बिलकिसगंज थाना क्षेत्र में नाकेबंदी कराई गई। कुछ ही घंटों में पुलिस ने मां, उसके साथ मौजूद युवक शंभू पुरी (निवासी मंदसौर) और दोनों बच्चों को सुरक्षित अभिरक्षा में ले लिया।
स्कूल प्रबंधन ने रोका था
स्कूल प्रशासन ने भी पुष्टि की कि घटना से पहले नीतू स्कूल पहुंची थी और बच्चों को अपने साथ ले जाने की कोशिश की थी। लेकिन अनुमति न मिलने पर उसने रास्ते में उन्हें रोकने और ले जाने की योजना बनाई।
मां का बयान
पुलिस पूछताछ में नीतू ने कहा कि पति और ससुराल वाले उसे बच्चों से न तो मिलने देते थे और न ही बात करने की इजाजत। इसी मजबूरी में उसने यह कदम उठाया। हालांकि पुलिस ने इसे अपहरण माना है और दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है।




