भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) बिहार के बाद अब जल्द ही देशभर में एक साथ मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने जा रही है. निर्वाचन आयोग ने बुधवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को एसआईआर की तैयारियों को अंतिम रूप देने को कहा है. निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने देशभर में एक साथ एसआईआर कराने की पुष्टि करते हुए कहा कि जल्द ही इसके तारीखों का औपचारिक तौर पर घोषणा की जाएगी.आयोग के सूत्रों ने बताया कि बुधवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान (आईआईआईडीईएम) में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के सम्मेलन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने एसआईआर की तैयारियों का जायजा लिया.सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार ने सभी राज्यों से बिहार में एसआईआर कराने में सामने आई चुनौतियों को ध्यान में रखकर अपनी तैयारी करने को कहा है. इस सम्मेलन में सीईसी कुमार के अलावा निर्वाचन आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी में भी मौजूद रहे.
मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने राज्यों की मतदाता सूचियां, जो पिछली एसआईआर के बाद प्रकाशित हुई थीं, तैयार रखें. कुछ राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने अपनी पिछली एसआईआर के बाद प्रकाशित मतदाता सूची को अपनी वेबसाइटों पर पहले ही डाल दिया है.
इस सम्मेलन में आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने एसआईआर को लेकर तैयार नीति के बारे में मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और अन्य अधिकारियों को विस्तृत जानकारी दी. एसआईआर की तैयारियों की समीक्षा के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने डीईओ, ईआरओ, एईआरओ, बीएलओ और बीएलए की नियुक्ति और प्रशिक्षण की स्थिति की भी समीक्षा की.
आयेग ने कहा है कि यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता न हों. साथ ही एक समान कार्यान्वयन हो, मतदान केंद्रों के युक्तिकरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद माना जा रहा है कि अन्य राज्यों में एसआईआर के दौरान आधार कार्ड भी मान्य दस्तावेजों की सूची में होगा.
बिहार में आई चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयारी करें राज्य
बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्य में जारी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लागू करने के बारे में अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने अन्य राज्यों से आए मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को एसआईआर के अपने अनुभव को साझा करने के साथ ही, सामने आई चुनौतियों के बारे में बताया.
बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एसआईआर के दौरान अपनाए गए अपने रणनीतियों, बाधाओं और अपनाई गई सर्वोत्तम प्रथाओं को लेकर प्रस्तुति दी. ताकि देश के बाकी हिस्सों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उनके अनुभवों से सीख सकें.
सूत्रों ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने मतदाताओं की संख्या, अंतिम एसआईआर की अर्हता तिथि और अंतिम पूर्ण एसआईआर के अनुसार अपने-अपने राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची पर विस्तृत प्रस्तुतियां दीं. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने अपने वेबसाइट पर पिछले एसआईआर के बाद मतदाता सूची के डिजिटलीकरण और अपलोडिंग की स्थिति के बारे में जानकारी दी.
चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग की विशेष तैयारी
मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुझाए गए दस्तावेज़ भी प्रस्तुत किए कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से छूट न जाए और कोई भी अपात्र व्यक्ति इसमें शामिल न हो. यह दोहराया गया कि इन दस्तावेज़ों से पात्र नागरिकों के लिए दस्तावेज़ जमा करना आसान हो जाएगा. अगले साल 2026 में असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं.