महान मुक्केबाज हवा सिंह की पोती नूपुर ने चैंपियनशिप के अपने पहले मुकाबले में अपनी प्रतिद्वंद्वी को 4-1 से हराकर 80 किग्रा से अधिक वर्ग के अंतिम चार में प्रवेश किया।
विस्तार
इस बीच भारत के पुरुष मुक्केबाजों के अभियान को एक और झटका लगा जब अभिनाश जामवाल 65 किग्रा क्वार्टर फाइनल में जॉर्जिया के ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लाशा गुरुली से 1-4 के विभाजित निर्णय से हार गए। उनके बाहर होने के बाद पुरुष वर्ग में केवल जदुमणि सिंह (50 किग्रा) ही दौड़ में बचे हैं। अंतिम आठ में उनका सामना मौजूदा विश्व चैंपियन कजाकिस्तान के संझार ताशकेनबे से होगा।
इस तरह से भारतीय पुरुष मुक्केबाजों का ताशकंद में खेली गई पिछली विश्व चैंपियनशिप की तुलना में यहां प्रदर्शन निराशाजनक रहा। पिछली प्रतियोगिता में दीपक भोरिया (51 किग्रा), मोहम्मद हुसामुद्दीन (57 किग्रा) और निशांत देव (71 किग्रा) ने कांस्य पदक जीते थे।
महिलाओं की पिछली प्रतियोगिता नयी दिल्ली में आयोजित की गई थी जिसमें नीतू घंघास (48 किग्रा), निकहत (50 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) और स्वीटी बूरा (81 किग्रा) ने स्वर्ण पदक जीते थे। पूजा को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। उन्होंने पहले राउंड में अच्छी शुरुआत की थी लेकिन पोलैंड की खिलाड़ी ने पलटवार करते हुए यह राउंड 3-2 से जीत लिया।
एशियाई खेल 2014 की कांस्य पदक विजेता पूजा ने दूसरे राउंड में अच्छी वापसी करके बड़ी बढ़त हासिल की। तीसरे राउंड तक दोनों मुक्केबाज थक चुकी थीं, लेकिन पूजा ने धैर्य बनाए रखा और आखिर में अपने नाम पर पदक पक्का किया। सेमीफाइनल में उनका मुकाबला स्थानीय मुक्केबाज एमिली एस्क्विथ से होगा।
इससे पहले हेवीवेट मुक्केबाज नूपुर श्योराण ने मौजूदा विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारत के लिए पहला पदक सुनिश्चित किया जब बुधवार को उन्होंने उज्बेकिस्तान की ओल्टीनॉय सोतिमबोएवा को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई जबकि दो बार की चैंपियन निकहत जरीन को क्वार्टरफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। निकहत को तुर्की की काकिरोग्लू बुसे नाज ने 5-0 से शिकस्त दी।
महान मुक्केबाज हवा सिंह की पोती नूपुर ने चैंपियनशिप के अपने पहले मुकाबले में अपनी प्रतिद्वंद्वी को 4-1 से हराकर 80 किग्रा से अधिक वर्ग के अंतिम चार में प्रवेश किया। इस वर्ग में सिर्फ 10 मुक्केबाज हिस्सा ले रहे हैं। इस जीत के साथ नूपुर ने कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया।
