मुरादाबाद में एक शिक्षिका से करीब 95 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने दिल्ली से मणिपुर निवासी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

ऐसे हुआ खुलासा
कटघर क्षेत्र की शिक्षिका ने साइबर थाना पुलिस को रिपोर्ट दी थी कि उनसे शादी के नाम पर ठगी की गई है। जांच में पता चला कि मणिपुर की रहने वाली कोनसम सुनीता अपने नाइजीरियन साथी और अन्य ठगों के साथ मिलकर यह वारदात कर रही थी। पुलिस ने दिल्ली के उत्तमनगर, ओम विहार से उसे दबोचा।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से लैपटॉप, डेबिट कार्ड, मोबाइल, चेकबुक, कई सिम कार्ड और 20 हजार रुपये नकद बरामद किए।
ऐसे फंसी शिक्षिका
25 जुलाई को शिक्षिका ने एक मैट्रिमोनियल साइट पर प्रोफाइल बनाई थी। इसके बाद नाइजीरियन युवक ने खुद को अमेरिका में जनरल सर्जन “डॉ. आरव सिंह” बताकर व्हाट्सएप मैसेज भेजा। उसने दावा किया कि वह भारतीय लड़की से शादी कर भारत में बसना चाहता है।
कुछ दिनों बाद उसने कहा कि वह शिक्षिका को महंगा पार्सल भेज रहा है। इसी बहाने 30 हजार रुपये खाते में ट्रांसफर कराए गए। बाद में आरोपी महिला ने खुद को कस्टम अधिकारी बताकर शिक्षिका को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी और 31 जुलाई से 18 अगस्त के बीच कुल 94.78 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए।
आरोपी महिला का खुलासा
पुलिस पूछताछ में सुनीता ने बताया कि वह 15 साल पहले नौकरी की तलाश में दिल्ली आई थी, लेकिन काम न मिलने पर एक ठग गिरोह के संपर्क में आ गई। वहीं उसकी मुलाकात नाइजीरियन युवक से हुई और दोनों ने साथ मिलकर साइबर ठगी शुरू कर दी।
उसने पूर्वोत्तर राज्यों के कई लोगों से सरकारी योजनाओं और लोन दिलाने के नाम पर दस्तावेज लिए और उनके आधार पर बैंक खाते खुलवाए। इन खातों के डेबिट कार्ड और चेकबुक वह अपने पास रखती थी, ताकि ठगी की रकम आसानी से ट्रांसफर की जा सके।
पुलिस की अगली कार्रवाई
एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि महिला को जेल भेजा गया है और अब गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है।


