परचून की दुकान और क्लीनिक की आड़ में नशे का कारोबार कर रहे दो आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। कोटपूतली थाना पुलिस ने इस कार्रवाई में नशीले कैप्सूलों का बड़ा जखीरा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 10 लाख के आसपास बताई जा रही है।

जिले में अपराधों पर अंकुश लगाने और अवैध नशीली दवाओं के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कोटपूतली थाना पुलिस ने दो अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर 49 हजार 816 नशीले कैप्सूल ट्रमाडोल और कई नशीली दवाइयों की शीशियां जब्त की हैं। जब्त माल की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने इस मामले में परचून व्यवसायी और एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है।
पुलिस मुख्यालय से मिले निर्देशों के तहत जिला पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र कुमार बिश्नोई ने अवैध मादक पदार्थों और नशीली दवाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। आदेश की पालना में एएसपी वैभव शर्मा और डीएसपी राजेन्द्र कुमार बुरड़क के सुपरविजन तथा थानाधिकारी राजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
8 सितंबर की शाम सीआईडी क्राइम हाल एजीटीएफ जयपुर के कॉन्स्टेबल देवेन्द्र सिंह ने सूचना दी कि ट्रांसपोर्ट नगर कोटपूतली में लुहारों के डेरों के पास मनोज कुमार जाट नामक व्यक्ति परचून की दुकान की आड़ में नशीले कैप्सूल बेच रहा है। सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मनोज की दुकान और गोदाम की तलाशी ली। यहां से 48,516 नशीले कैप्सूल ट्रमाडोल मिले, जिन्हें एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत जब्त किया गया और आरोपी मनोज कुमार (35) पुत्र लीलाराम जाट निवासी ग्राम खेड़की वीरभान को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने डॉ. अविनाश शर्मा के कोटपूतली स्थित क्लिनिक पर दबिश दी। तलाशी में यहां से 1240 ट्रमाडोल कैप्सूल और अन्य नशीली दवाइयों की शीशियां बरामद हुईं। पुलिस ने मौके पर ही आरोपी डॉ. अविनाश (39) पुत्र सुरेश कुमार शर्मा निवासी ग्राम खेड़की वीरभान को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से परचून की दुकान और क्लीनिक की आड़ में नशीली दवाओं का धंधा कर रहे थे। क्षेत्र में युवाओं तक ये दवाइयां पहुंचाई जाती थीं। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क में और भी लोग जुड़े हो सकते हैं, जिनकी पहचान की जा रही है।
बहरहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। पुलिस की ओर से आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके। जिला पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशे के अवैध कारोबारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जिले में अवैध मादक पदार्थों और नशीली दवाइयों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा।