Rewa News: अब 12 करोड़ रुपये के इस घोटाले में रिटायर्ड SDOP की फंसी गर्दन, हाई कोर्ट को दी थी भ्रामक जानकारी

Picture of Shikha Bhardwaj

Shikha Bhardwaj

SHARE:

रीवा। गंगेव जनपद के बहुचर्चित कराधान घोटाले में अब एक नया मोड़ आ गया है। मामले में रिटायर्ड एसडीओपी कपिल द्विवेदी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। आरोप है कि उन्होंने एमपी हाईकोर्ट में भ्रामक जानकारी दी और महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाया। हाईकोर्ट ने शासन से इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली है।Retired Sdop's Neck Stuck In Taxation Scam Of Rs 12 Crore - Madhya Pradesh  News - Rewa News:अब 12 करोड़ रुपये के इस घोटाले में रिटायर्ड Sdop की फंसी  गर्दन, हाई कोर्ट

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, 14वीं वित्त आयोग की परफॉर्मेंस ग्रांट की राशि का गंगेव जनपद में बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया। 38 ग्राम पंचायतों के नाम पर खाते खुलवाए गए और फर्जी विकास कार्य दिखाकर करोड़ों रुपये की बंदरबांट कर दी गई। ठेकेदारों को भुगतान किया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्य नहीं हुआ। घोटाले की जांच में तत्कालीन सीईओ, इंजीनियर, लेखापाल समेत कई अधिकारी-कर्मचारी निलंबित भी किए गए थे। एफआईआर दर्ज हुई और कुछ गिरफ्तारियां भी हुईं, लेकिन अब तक राशि की वसूली और असली विकास कार्य का कोई सुराग नहीं है।

एसडीओपी पर भ्रामक रिपोर्ट देने का आरोप

जब आरोपी अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट जबलपुर पहुंचे तो रिटायर्ड एसडीओपी कपिल द्विवेदी ने कोर्ट में हलफनामा प्रस्तुत किया। आरोप है कि इस हलफनामे में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और कई महत्वपूर्ण जानकारी छुपा ली गई। इसी वजह से जमानत प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए।

रिव्यू पिटिशन से मामला गरमाया

नई जानकारी सामने आने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी और अधिवक्ता संजय सिंह ने रिव्यू पिटिशन दाखिल की। इसमें शासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई और गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई।

हाईकोर्ट का रुख सख्त

जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने शासन से साफ पूछा है कि रिटायर्ड एसडीओपी द्वारा कोर्ट को गुमराह करने के मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है। साथ ही यह भी जानकारी मांगी गई है कि गंगेव जनपद की 38 पंचायतों के फर्जीवाड़े में दोषी पाए गए अधिकारियों और ठेकेदारों से राशि की वसूली की स्थिति क्या है।

इस पूरे मामले ने एक बार फिर से कराधान घोटाले को सुर्खियों में ला दिया है और अब निगाहें शासन की अगली कार्रवाई पर टिक गई हैं।

Shikha Bhardwaj
Author: Shikha Bhardwaj

सबसे ज्यादा पड़ गई