Amroha News: बेचे गए चारों बच्चों का कराया मेडिकल, आज पहुंचेंगे परिजन

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Newborn dies at illegal clinic in Amroha | अमरोहा में अवैध क्लीनिक पर नवजात  की मौत: परिजनों का हंगामा, स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक किया सील - Hasanpur ( Amroha) News | Dainik ...

अमरोहा। लखीमपुर और बहराइच से लाकर अमरोहा में बेचे गए चारों बच्चों का बाल कल्याण समिति ने शुक्रवार को मेडिकल कराया। जांच में चारों बच्चे स्वस्थ पाए गए। वहीं बाल कल्याण समिति के अधिकारियों ने बच्चों के परिजनों को संपर्क कर बुला लिया है। शनिवार को बच्चों के माता-पिता अमरोहा पहुंच जाएंगे।

उधर, बाल कल्याण समिति ने बच्चों को बेचने वाले ठेकेदार मुकेश और बाल मजदूरी करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में जिला प्रोबेशन अधिकारी को दिशा निर्देश भी दिए गए हैं। इतना ही नहीं पुलिस भी सतर्क हो गई है। मुकदमा में बच्चों के खरीद-फरोख्त की धाराएं लगेगी या बाल मजदूरी से संबंधित।

इस संबंध में पुलिस ने एसपीओ से विधिक राय मांगी है। बहराइच और लखीमपुर से चार बच्चों को लाकर अमरोहा में बेचा गया है। एक बच्चे की कीमत साढ़े सात हजार रुपये लगाई गई है। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अतुलेश भारद्वाज ने बताया कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि ठेकेदार न तो बच्चों को कोई रुपये दिए हैं और ने उनके परिजनों को। फिलहाल पुलिस की मदद से मुकेश नाम के ठेकेदार को भी पड़े की कोशिश की जा रही है। शनिवार को परिजनों के आने के बाद बच्चों को उनके सुपुर्द कर दिया जाएगा।

बृहस्पतिवार को बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अतुलेश भारद्वाज को देहात थानाक्षेत्र के चककालीलेट पट्टी गांव में चार बच्चों के खरीद-फरोख्त की सूचना मिली थी। जिसके बाद वह, चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रभारी, संरक्षण इकाई के कर्मचारी व सपोर्ट पर्सन के अलावा एएचटीयू और देहात पुलिस को लेकर गांव पहुंचे और एक घर से चार बच्चों को बरामद किया। सभी की उम्र 10 से 15 साल है। इन बच्चों को बहराइच का रहने वाला मुकेश लेकर आया था। जानकारी मिली है कि यह सिर्फ चार ही बच्चे नहीं हैं बल्कि मुकेश बहराइच से दस बच्चे लेकर आया था। उसने बरामद हुए चार बच्चों का सौदा 30 हजार रुपये में किया था। फिलहाल आरोपी मुकेश नौगांवा सादात क्षेत्र के किसी गांव में रुका है। दो बच्चों का सौदा 15 हजार रुपये में चककालीलेट पट्टी गांव निवासी महिला से हुआ था जबकि दो को किसी दूसरे गांव भेजने की तैयारी थी। चारों बच्चों को बेचकर मिली रकम मुकेश ने अपने पास रख ली। इनमें दो बच्चे लखीमपुर के रहने वाले हैं जो तहेरे-चचेरे भाई है। वहीं, दो बहराइच के हैं जो ममेरे-फुफेरे भाई हैं।
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