बीते पांच साल में नई नगर निकायों के गठन और सीमा विस्तार की वजह से इस बार त्रिस्तरीय पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्यों की संख्या के साथ ग्राम पंचायतों में वार्डों की संख्या भी घट जाएंगे।

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रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की लोहाघाट शाखा ने दो महिनों से वेतन न मिलने पर गहरी नाराजगी जताई है। आक्रोशित कर्मचारियों ने बांहों में काला फीता बांधकर नारेबाजी की। उन्होंने जल्द वेतन का भुगतान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। शुक्रवार को परिषद के लोहाघाट शाखा मंत्री कुशल वर्मा की अध्यक्षता और प्रांतीय संयुक्त मंत्री सूरजभान सिंह के संचालन में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों को जुलाई व अगस्त माह का वेतन नहीं मिला है। इससे उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि डिपो में नियमित, संविदा, विशेष श्रेणी के करीब 200 कर्मचारी तैनात हैं। वेतन न मिलने से बच्चों की फीस, दूध, मकान का किराया, राशन, बैंक किश्त आदि देने में बहुत परेशानी हो रही है। कर्मचारियों का कहना है कि अब दुकानदार भी उधार सामान देने में आनाकानी करने लगे हैं। कर्मचारियों ने कहा कि यदि जल्द वेतन का भुगतान नहीं किया जाता है तो वह उग्र आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे। इस मौके पर प्रांतीय संयुक्त मंत्री कैलाश मुरारी, अनिल कुमार, ओम प्रकाश, नरेश करायत, दीवान सिंह, गोपाल महर, चंद्रशेखर जोशी, प्रकाश जोशी, भूपेश जोशी, जीवन भट्ट, सतीश जोशी आदि मौजूद थे।

चुनाव के लिए कराए जा रहे परिसीमन के बाद जहां जिला पंचायत सदस्यों के भी करीब 40 पद कम होने का अनुमान है। वहीं, क्षेत्र पंचायत सदस्यों (बीडीसी) के भी लगभग 1500 वार्ड कम हो जाएंगे। इसी तरह नए सिरे से हो रहे परिसीमन के बाद ग्राम पंचायतों के भी 4608 वार्ड घट जाएंगे। बता दें कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए वार्डों के पुनर्गठन की रिपोर्ट जल्द तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। अभी तक 47 जिलों ने ही वार्डों के पुनर्गठन की रिपोर्ट भेजी है। अभी जिला पंचायत के वार्डों की कुल संख्या 3050 है। 40 पद कम होने के बाद यह संख्या 3011 रह जाएगी। अभी तक बीडीसी के वार्डों की संख्या 75845 है।

इसमें 1500 वार्ड होने पर इनकी संख्या भी 74345 हो जाएगी। जबकि ग्राम पंचायतों में 732643 वार्ड थे, जिसमें 4608 वार्ड घटने के बाद इनकी संख्या 728035 रह जाएगी। पंचायतीराज निदेशक अमित सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन का कार्य पूरा हो चुका है और अब 57694 ग्राम पंचायतें हैं। पहले ग्राम पंचायतों की संख्या 58189 थी। अगले वर्ष 26 मई 2026 को ग्राम प्रधानों, 19 जुलाई 2026 को क्षेत्र पंचायत प्रमुखों व 11 जुलाई 2026 को जिला पंचायत अध्यक्षों का भी कार्यकाल खत्म हो रहा है। 28 जिलों से मांगी गई है रिपोर्ट निदेशक ने बताया कि 28 जिलों में भी वार्डों के पुनर्गठन की रिपोर्ट लगभग तैयार है। इन जिलों को जल्द से जल्द रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इन जिलों में रायबरेली, सीतापुर, सुल्तानपुर, बहराइच, महाराजगंज, कानपुर देहात, मऊ, पीलीभीत, आगरा, औरैया, बागपत, बलिया, भदोही, बदायूं, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, झांसी, कासगंज, कौशांबी, कुशीनगर मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रामपुर, सहारनपुर, संत कबीर नगर व सोनभद्र शामिल हैं।

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Author: ILMA NEWSINDIA

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