UP: शक, तलाक और कोर्ट केस…14 माह में बिखर गया परिवार, रिश्तेदार और प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई दास्तां

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Shikha Bhardwaj

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गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में बुधवार शाम एक दर्दनाक वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। 35 वर्षीय ममता चौहान की उनके पति विश्वकर्मा चौहान ने गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या का यह सिलसिला लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक विवाद, शक और तलाक के झगड़ों से जुड़ा हुआ था। इस घटना ने ममता की 13 वर्षीय बेटी मुक्ति को पूरी तरह अकेला कर दिया है।

Doubt, Divorce And Court Case....the Family Fell Apart In 14 Months -  Gorakhpur News - Gorakhpur News:शक, तलाक और कोर्ट केस....14 माह में बिखर  गया परिवार

संघर्ष भरी जिंदगी, बेटी के लिए जद्दोजहद

ममता पिछले कुछ समय से पादरी बाजार के पप्पू कटरा इलाके में किराए के मकान में रह रही थीं। वे बैंक रोड की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करके बेटी के भविष्य को संवारने की कोशिश कर रही थीं। पड़ोसियों के अनुसार ममता हंसमुख और जिम्मेदार महिला थीं, लेकिन लगातार कोर्ट केस, तलाक और घर की लड़ाई ने उन्हें मानसिक रूप से बेहद कमजोर कर दिया था।

करीब 14 महीने पहले पति-पत्नी के बीच विवाद इतना बढ़ा कि मामला गुलरिहा थाने में पंचायत तक पहुंचा। इसके बाद ममता ने ससुराल छोड़ दिया और कोर्ट में बेटी के भरण-पोषण का दावा दाखिल कर दिया। रिश्तेदार बताते हैं कि विवाद बढ़ने पर दोनों के बीच झगड़े और मारपीट की नौबत भी आई थी।

वारदात का सिलसिला

प्रत्यक्षदर्शियों अशरफ और लकी के मुताबिक, घटना के दिन आरोपी विश्वकर्मा स्टूडियो के बाहर बाइक पर बैठा पत्नी का इंतजार कर रहा था। ममता जैसे ही बाहर निकलीं, दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और देखते ही देखते हाथापाई शुरू हो गई। गुस्से में आकर विश्वकर्मा ने पिस्टल से दो गोलियां दाग दीं – एक सीने में और दूसरी हाथ पर लगी। ममता मौके पर ही ढेर हो गईं।

मुक्ति की आंखों के सामने टूटी दुनिया

13 वर्षीय मुक्ति ने अपनी मां को खून से लथपथ गिरते देखा। उसने पुलिस को बयान दिया कि पिता ने ही मां की हत्या की है। अब यह मासूम बच्ची पूरी तरह अकेली पड़ गई है। पड़ोसियों का कहना है कि ममता हमेशा बेटी की खातिर लड़ती रहीं, लेकिन अंत में विवाद और पैसों की खींचतान ने उनका जीवन छीन लिया। मृतका के मायके वाले लुधियाना से गोरखपुर आ रहे हैं और संभावना है कि मुक्ति अब अपने मामा के साथ वहीं रहेगी।

आरोपी का पारिवारिक पृष्ठभूमि

विश्वकर्मा चौहान चार भाइयों में सबसे छोटा है। तीन बड़े भाई मुंबई में रहते हैं जबकि वह बुजुर्ग माता-पिता के साथ घर पर ही रह रहा था। उसके पिता रेलवे कारखाने से रिटायर हो चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, कुछ महीने पहले विश्वकर्मा ने अपने हिस्से की जमीन बेचकर लगभग 35 लाख रुपये हासिल किए थे। ममता ने इस धनराशि में हिस्सेदारी मांगी थी, जिससे विवाद और बढ़ गया।

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Author: Shikha Bhardwaj

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