सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरों की कमी से जुड़ी एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया। जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार इस साल राजस्थान में पुलिस हिरासत में 11 मौतें हुईं। एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह की उस याचिका पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जवाब मांगा। याचिका में उन्होंने आतंकवाद के वित्तपोषण के एक मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय की ओर से उन्हें जमानत देने से इनकार करने के आदेश को चुनौती दी है। हालांकि, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने उन्हें अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
पहले जानते हैं कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह की याचिका के बारे में
शाह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंजाल्विस ने अंतरिम जमानत की मांग करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता बहुत बीमार है। पीठ ने उच्च न्यायालय के इस साल 12 जून के आदेश को चुनौती देने वाली शाह की याचिका पर एनआईए को नोटिस जारी किया। पीठ ने मामले की सुनवाई दो हफ्ते बाद तय की। हाईकोर्ट ने इस मामले में उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था, यह देखते हुए कि उनकी ओर से इसी तरह की गैरकानूनी गतिविधियां करने और गवाहों को प्रभावित करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। शाह को एनआईए ने 4 जून, 2019 को गिरफ्तार किया था। एनआईए ने 2017 में 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिन पर पथराव, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचकर अशांति फैलाने के लिए धन जुटाने और इकट्ठा करने की साजिश रचने का आरोप था।
