बरेली। धर्मांतरण के आरोपों में गिरफ्तार अब्दुल मजीद को लेकर जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। फैजनगर गांव स्थित उसका मदरसा भी अवैध पाया गया है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के रिकॉर्ड में इस मदरसे का कोई नामो-निशान नहीं मिला। पुलिस को शक है कि जिस सोसाइटी के नाम पर पंजीकरण दिखाया जा रहा है, वह भी फर्जी हो सकता है।

फर्जी पैन कार्ड से बढ़ी मुश्किल
जांच में यह भी सामने आया कि मजीद का पैन कार्ड फर्जी है। इस वजह से उसके बैंक खातों की डिटेल निकालना पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा है।
पिछले हफ्ते बड़ा खुलासा
याद दिला दें कि बीते सप्ताह पुलिस ने राजकीय इंटर कॉलेज के नेत्रहीन प्रवक्ता प्रभात उपाध्याय और गणित शिक्षक ब्रजपाल का धर्मांतरण कराने की साजिश का पर्दाफाश किया था। अलीगढ़ निवासी अखिलेश कुमारी ने शिकायत में आरोप लगाया था कि उनके बेटे प्रभात को फैजनगर के इसी मदरसे में रखकर दूसरी शादी का झांसा देकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की गई।
इस मामले में पुलिस ने दबिश देकर मदरसा संचालक अब्दुल मजीद समेत सलमान, मोहम्मद आरिफ और मोहम्मद फईम को गिरफ्तार किया था।
जल्द होगा नया खुलासा
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने पुष्टि की है कि फैजनगर का मदरसा विभागीय रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं है। पुलिस कई लोगों से पूछताछ कर रही है और सूत्रों के मुताबिक एक-दो दिन में नए मदरसे में धर्मांतरण के खेल का पर्दाफाश हो सकता है।