राज्य खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान (SIFPT) एक बार फिर विवादों में है। इस बार संस्थान के फिजियोलॉजिस्ट-कम-बायोकेमिस्ट मनोज कुमार प्रचेता पर एमएससी छात्रा ने छेड़छाड़ और असमय चैटिंग करने का गंभीर आरोप लगाया। शिकायत की जांच के बाद आरोपी को निलंबित कर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग परिसर में संचालित SIFPT बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध है, जहां एमएससी (फूड टेक्नोलॉजी) की पढ़ाई होती है। छात्रा ने आरोप लगाया कि मनोज कुमार ने न सिर्फ उसके साथ छेड़छाड़ की बल्कि मोबाइल फोन पर अनुचित समय पर चैटिंग भी की।
मामले की जांच के लिए उद्यान विभाग की उप निदेशक गीता द्विवेदी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीना ने आरोपी को निलंबित कर दिया। साथ ही, रेशम विभाग के संयुक्त सचिव भूपेंद्र सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
संस्थान में विवाद कोई नई बात नहीं
SIFPT लगातार विवादों से घिरा रहा है। कभी छात्रवृत्ति के मुद्दे तो कभी हाजिरी को लेकर यहां सवाल उठते रहते हैं। आरोप है कि पढ़ाई के नाम पर खानापूरी होती है और अव्यवस्था इतनी है कि कुछ छात्रों को बिना नियमित उपस्थिति के ही पास कर दिया जाता है।