उत्तर भारत में आफत की बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जम्मू की तवी और चिनाब नदी उफान पर हैं, जिससे कई कॉलोनियां और गांव डूब गए। पंजाब में सैकड़ों घरों और हजारों एकड़ फसल को नुकसान पहुंचा है। हिमाचल में भूस्खलन और सड़कें बंद होने से यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है।

भारतीय मौसम विभाग ने भारी बारिश और आंधी-तूफान को लेकर उत्तर भारत के कई राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया। इसमें जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। चेतावनी के मुताबिक इन इलाकों में दो घंटे तक तेज बारिश और गरज-चमक के साथ तूफान की स्थिति बन सकती है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर समेत कई हिस्सों में भी बदरा जमकर बरस रहे हैं।
मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। जम्मू और पंजाब के उत्तरी इलाकों में अत्यधिक बारिश दर्ज की गई। विभाग ने साफ किया कि अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा, हालांकि धीरे-धीरे बारिश की रफ्तार कम होगी। वहीं, अगले सात दिनों तक उत्तराखंड, हिमाचल, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और पंजाब में भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
उफान पर जम्मू की तवी नदी
जम्मू की तवी नदी ने तबाही मचाई है। इससे राजीव कॉलोनी और जम्मू विश्वविद्यालय सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। कई घरों के निचले हिस्से पानी में डूब गए और सामान बर्बाद हो गया। प्रशासन ने तुरंत अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। बारिश और बाढ़ के कारण विश्वविद्यालय के हॉस्टल खाली कराए गए हैं।
पंजाब में भी जमकर बरसा पानी
लगातार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण पंजाब के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। यहां पौंग, भाखड़ा और रणजीत सागर जैसे बांधों से ज्यादा पानी छोड़े जाने से कई जिलों के गांवों की परेशानियां बढ़ गई हैं। गुरदासपुर जिले के बुगना, गहलारी, नौशेरा, बऊपुर और मानसूरा गांवों में पानी छह फीट तक भर गया। कई परिवार घरों की छतों पर फंसे हैं। हजारों एकड़ फसलें जलमग्न हो गईं और सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हुए।
हिमाचल में भूस्खलन ने मचाई तबाही
हिमाचल प्रदेश में दो दिनों की भारी बारिश के बाद बुधवार को मौसम साफ रहा, लेकिन समस्याएं कम नहीं हुईं। यहां ब्यास नदी उफान पर है। इससे कई गांव पानी में जलमग्न हो गए। वहीं, बिलासपुर जिले के मंजेर गांव में एक मकान ढह गया जबकि धोलरा सेक्टर में शौचालय गिरा। सैकड़ों सड़कें बंद हैं और बिजली-पानी की सप्लाई बाधित है। मणि महेश यात्रा को भी रोक दिया गया है।
खतरे के निशान से ऊपर चिनाब नदी का जलस्तर
जम्मू में चिनाब नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। कई निचले इलाके डूब गए और सड़कों पर पानी भर गया। बारिश लगातार तीसरे दिन जारी रही, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इतना ही नहीं, लगातार बारिश और पत्थर गिरने की घटनाओं के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद कर दिया गया। रामबन जिले के चंदरकोट, केला मोड़ और बैटरी चश्मा इलाकों में भूस्खलन हुआ। प्रशासन ने एहतियातन यातायात रोक दिया, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग ने दी सतर्क रहने की चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल में भारी बारिश होगी। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव कार्य तेज कर दिया है। लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।



