एसपी दक्षिणी ने बताया कि 25 अगस्त को भुता थाने की पुलिस फैजनगर स्थित मदरसा पहुंची। वहां चार-पांच लोग प्रभात को घेरे बैठे थे। प्रभात के खतना की तैयारी चल रही थी, उसे हामिद बनाया जाना था।
छांगुर गिरोह जैसा मामला यूपी के बरेली जिले में भी सामने आया है। यहां भुता के मदरसे में मौलाना और उसके साथी धर्मांतरण कराने का सिंडिकेट चला रहे थे। राजकीय इंटर कॉलेज के दिव्यांग प्रवक्ता का ये लोग धर्म परिवर्तन करा चुके थे। प्रवक्ता का खतना कराने से पहले पुलिस ने गिरोह के सरगना अब्दुल मजीद समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद चारों आरोपियों को जेल भेज दिया।
शादी का लालच देकर कराते थे धर्म परिवर्तन
पुलिस लाइन सभागार में एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने मंगलवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह के लोग दिव्यांगों को शादी का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराते थे। अलीगढ़ के थाना क्वारसी क्षेत्र की अखिलेश कुमारी ने भुता थाने में फैजनगर निवासी अब्दुल मजीद, महमूद बेग, सलमान और आरिफ व एक अन्य के खिलाफ तहरीर दी।
प्रभात उपाध्याय का धर्मांतरण करने की थी तैयारी

खतना की चल रही थी तैयारी

कई दस्तावेज बरामद
आरोपियों से धर्मांतरण के तीन प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, आधार कार्ड जैसे दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस ने थाना भुता के फैजनगर निवासी अब्दुल मजीद, सुभाष नगर के करेली निवासी सलमान, आरिफ, थाना भोजीपुरा के सैदपुर चुन्नीलाल निवासी फईम को गिरफ्तार कर लिया।

एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि गिरोह ने बरेली के सुभाषनगर क्षेत्र निवासी ब्रजपाल साहू को अब्दुल्ला बनाया था। उसकी बहन राजकुमारी का धर्मांतरण कर आयशा और मां ऊषा कुमारी को अमीना बनाया है। आरोपियों ने एक किशोर का भी ब्रेनबॉश किया है। उसे ड्रग्स का आदी बनाया, इससे उसकी मानसिक अवस्था पर असर पड़ा और उसके तौर-तरीके बदल गए।

एसपी दक्षिणी ने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी कई राज्यों में घूमकर चंदा जुटाते और मदरसा चलाते थे। सलमान और उसकी बीवी के 12 बैंक खाते हैं। अब्दुल मजीद के पांच खाते हैं। इनमें दो हजार से ज्यादा ट्रांजेक्शन मिले हैं। ऐसे में विदेशी फंडिंग के बिंदु पर भी पुलिस जांच कर रही है। इन लोगों का छांगुर गैंग से कोई कनेक्शन तो नहीं है, इसका भी पता लगाया जा रहा है।