Himachal Rain: रेड अलर्ट के बीच बारिश ने मचाई तबाही, मनाली में रेस्तरां-खोखे बहे, स्कूल बंद; देखें वीडियो

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NIMRA SALEEM

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 प्रदेश में मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच बारिश ने तबाही मचाई है। जगह-जगह भूस्खलन से राज्य में सैकड़ों सड़कें बंद है। सात जिलों में आज शिक्षण संस्थान बंद रखे गए हैं।

Himachal weather forecast: Rain wreaks havoc amid red alert, restaurant washed away in Manali, schools closed

हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच बारिश ने तबाही मचाई है। जगह-जगह भूस्खलन से राज्य में तीन नेशनल हाईवे सहित 690 सड़कें बंद है। 2349 बिजली ट्रांसफार्मर व 234 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। इससे कई इलाकों में बिजली-पानी की आपूर्ति ठप है। आठ जिलों में आज शिक्षण संस्थान बंद रखे गए हैं। भारी बारिश से मनाली के पतलीकूहल तक जगह-जगह भारी नुकसान हुआ है।  बाहंग में रेस्तरां ब्यास नदी में आई बाढ़ में बह गया।  अब सिर्फ इसका गेट बचा है। 14 मील में भी रिहायशी इलाकों में पानी भर गया। 15 मील में एक शौचालय व कुछ खोखे ब्यास में बह गए।

प्रशासन की टीम बचाव व राहत कार्य में जुटी है। मनाली-लेह मार्ग बाहंग में भूस्खलन होने के कारण बंद हो गया है। ओल्ड मनाली से बुरुआ को जाने वाली सड़क भी बंद हो गई। कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे  बिंदु ढाक के समीप सड़क बहने के कारण ठप हो गया। वाहनों को वामतट मार्ग से भेजा जा रहा है।  मनाली से भी यातायात वाया लैफ्ट बैंक ही डायवर्ट किया गया है।  ब्यास नदी का जल स्तर काफी बढ़ गया है, ग्रीन टैक्स बैरियर आलू ग्राउंड के पास पानी सड़क पर बह रहा है।

इतने दिन बरसेंगे बादल, इन जिलों में स्कूल बंद
मौसम विभाग ने मंगलवार को चंबा और कांगड़ा में रेड और कुल्लू-मंडी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना में येलो अलर्ट रहेगा।  प्रदेश की ऊंची चोटियों शिंकुला दर्रा, कुगती जोत, बारालाचा, रोहतांग में ताजा बर्फबारी हुई है। 1 सितंबर तक प्रदेश में बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान है। 29 अगस्त से 1 सितंबर तक कई स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उधर, ऊना, चंबा, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा व बिलासपुर, सोलन व शिमला जिले में आज भी  शिक्षण संस्थान बंद रखने का फैसला लिया गया है। जिला प्रशासन के आदेशानुसार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में भी मंगलवार को शिक्षण कार्य बंद रहेगा। अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम ने इसकी अधिसूचना जारी की है।

चार मणिमहेश श्रद्धालुओं समेत पांच की मौत, यात्रा रोकी
मणिमहेश यात्रा पर गए पंजाब के चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। प्रशासन ने यात्रा पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी है। दो हजार से ज्यादा श्रद्धालु अभी भी बीच रास्ते में फंसे हुए हैं। हालांकि, सभी सुरक्षित स्थानों पर हैं। वहीं, नूरपुर में डडवाड़ा गांव का गुरुदेव सिंह (72) की खड्ड में बहने से मौत हो गई। वहीं मंडी शहर में ब्यास नदी पंचवक्त्र मंदिर तक पहुंच गई है। ब्यास नदी उफान पर होने से प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे नहीं जाने की हिदायत दी है।

बालीचौकी में दो और मकान जमींदोज
मंडी जिले के मुख्य बाजार बालीचौकी में जमीन धंसने के कारण जद में आए 13 घरों में से चार घर जमींदोज हो गए हैं। दो लोगों का 30 कमरों का संयुक्त घर शुक्रवार रात को जमींदोज हुआ था जबकि अब चार लोगों के दो घर बीती रात को जमींदोज हो गए। इनमें 22 दुकानें भी थीं। मकान दो मंजिला और चार मंजिला थे। हालांकि, मकानों को एहतियातन पहले ही खाली करवा दिया गया था।  प्रभावितों में केसर सिंह, नारायण दास, डोले राम और बीर सिंह शामिल हैं। इन सभी का एक करोड़ से अधिक का नुकसान हो गया है। यहां गेस्ट हाउस सहित रिहायशी कमरे और दुकानें थीं, जोकि अब पूरी तरह से जमींदोज हो गए हैं। अपने आशियानों को अपनी आंखों के सामने टूटता देख प्रभावित सदमे में हैं। प्रभावितों ने सरकार से अधिक से अधिक मदद की गुहार लगाई है।

भारी बारिश में पौंग का जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ 1 फीट दूर
लगातार बारिश के चलते पौंग डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। 25 अगस्त दोपहर जलस्तर 1385.21 फीट था और दो दिनों में छह फीट बढ़कर 26 अगस्त सुबह 9:00 बजे यह 1388.90 फीट तक पहुंच गया। खतरे का निशान 1390 फीट है। बीबीएमबी ने बड़ा फैसला लेते हुए आउटफ्लो को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 75,000 क्यूसिक तक पहुंचाना शुरू कर दिया है। पिछले 21 दिनों से पौंग बांध के घेट खुले हैं। मंड क्षेत्र के लिए यह खतरे की घंटी है। बीबीएमबी ने चरणबद्ध तरीके से पानी छोड़ने का शेड्यूल जारी किया हुआ है। एसडीएम इंदौरा सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है लेकिन हालात गंभीर हैं। मंड क्षेत्र के लिए खतरा बढ़ा है। लोगों से अपील है कि सतर्क रहें और अनावश्यक रिस्क न लें। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है और राहत कैंप में ठहरने, खाने-पीने और स्वास्थ्य सुविधाओं की पूरी व्यवस्था की गई है। प्रशासन लगातार अलर्ट पर है। पहले की तुलना में अब ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है। जलस्तर के बढ़ने के चलते आउटफ्लो को फिर से 75,000 क्यूसिक किया जा रहा है।

गिरि पेयजल योजना में आई गाद, शिमला शहर के लिए आपूर्ति ठप
भारी बारिश से गिरि पेयजल योजना में बड़ी मात्रा में गाद आ गई है। इससे शिमला शहर के लिए पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। वहीं  शिमला-चंडीगढ़ हाईवे पर शोघी के पास  पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिर गए। इससे आवाजाही प्रभावित रही। फिलहाल यातायात जारी है। ओल्ड मनाली में मनालसु नाला और ब्यास नदी उफान पर, घरों को खतरा
प्रदेश में लगातार जारी बारिश तबाही मचा रही है। ओल्ड मनाली में मनालसु नाला और ब्यास नदी उफान पर हैं। इससे यातायात बाधित हो गया।

कहां कितनी बारिश

बीती रात नयना देवी 160.8, भटियात (चुवाड़ी) 125.2, मनाली 102.0, धर्मशाला 102.0, घमरूर 91.4, कांगड़ा 89.0, नगरोटा सूरियां 88.8, पालमपुर 88.0, कोठी 85.8, भुंतर 77.2, चंबा  74.0, गुलेर 71.8, करसोग 65.2, सुजानपुर टिहरा 60.6, रोहड़ू 60.0, जोगिंद्रनगर 59.0, नादौन 58.2, देहरा गोपीपुर 57.0, बंजार 57.0, अघार 55.0 व सुंदरनगर में 51.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

दो दिन में 47 पक्के और 98 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त
प्रदेश में जारी भारी बारिश के बीच रविवार और सोमवार को 47 पक्के और 98 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। 79 दुकानों और 91 गोशालाओं को भी नुकसान पहुंचा है। प्रदेश में जारी बारिश के बीच मानसून सीजन के दौरान अभी तक कुल 2394 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 25 अगस्त तक 306 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 367 लोग घायल हुए हैं। 38 लोग अभी लापता हैं। इस दौरान 150 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई है। बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 3,656 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 2,819 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,843 पालतु पशुओं की मौत हुई है।

ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ा, किनारे की बस्ती को खतरा
बारिश के चलते कुल्लू जिले के नदी-नाले पूरी तरह से उफान पर हैं। ब्यास नदी ने भी रौद्र रूप धारण कर लिया है। इससे किनारे की बस्तियों को खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने भी नदी किनारे की बस्तियों को खाली करवा दिया है। जिला मुख्यालय कुल्लू में भी हनुमानी बाग, लंकाबेकर की बस्तियों में पानी घुस गया है। जिला मुख्यालय में ब्यास नदी के साथ लगघाटी से आती सरबरी नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। उधर, मणिकर्ण घाटी की पार्वती नदी का जलस्तर भी काफी बढ़ा हुआ है।

सोलन शहर के पुराने बस स्टैंड के समीप गिरा डंगा, दो वाहनों को नुकसान
सोलन शहर में सोमवार से जारी बारिश के क्रम से नुकसान शुरू हो गया है। शहर के पुराने बस स्टैंड के पास मंगलवार सुबह अचानक पहाड़ी से भूस्खलन हो गया। भूस्खलन की चपेट में दो वाहन आ गए। गनीमत यह रही कि जिस समय भूस्खलन हुआ तो राहगीरों ने देख लिया और वहां से दूर हो गए। इससे हादसा होने से भी टल गया।

नालागढ़ में दलदल भरे रास्ते से निकलकर स्कूल पहुंचे अध्यापक
जिला सोलन में दो दिन से जारी मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। प्रशासन ने बच्चों को तो स्कूलों में छुट्टी दी, लेकिन शिक्षकों और नॉन-टीचिंग स्टाफ को उपलस्थित रहने के आदेश जारी किए गए हैं। यही वजह है कि ग्रामीण क्षेत्रों के अध्यापकों को जान जोखिम में डालकर ड्यूटी निभानी पड़ रही है। नालागढ़ क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नंड के एक अध्यापक कीचड़ भरे रास्ते से गुजरते हुए जूते हाथ में उठाकर स्कूल की ओर बढ़ते दिखे। मशक्कत से वह इस कीचड़ से निकल कर स्कूल पहुंचे।

लडभड़ोल में भूस्खलन से बैजनाथ-कांडापतन मार्ग बाधित, कोठी में फंसा ट्रक
लडभड़ोल क्षेत्र में भारी बारिश का कहर जारी है। बैजनाथ-नेरी-कांडापतन मार्ग पर कोठी के पास बीती रात एक ट्रक मलबे में फंस गया और पलटते-पलटते बचा। गौरतलब है कि यह मार्ग पिछले दो महीनों से लगातार हो रही बारिश के कारण बंद है, जिससे हजारों लोगों का संपर्क मुख्य सड़क से टूट गया है। स्थानीय निवासियों मंजू, सुशील,अजय, विक्की, सतीश और दीपक ने बताया कि यह क्षेत्र का एकमात्र संपर्क मार्ग है, जिसके बंद होने से स्कूली बच्चों और सरकारी कर्मचारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक कठिनाई बीमार व्यक्तियों को हो रही है, जिन्हें अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो गया है।

अंतिम संस्कार के लिए अर्थी लेकर जा रहे लोगों पर गिरी गोशाला की दीवार
हमीरपुर जिले के ख्याह गांव में अंतिम संस्कार के लिए अर्थी लेकर जा रहे लोगों पर गोशाला की दीवार गिर गई। इस हादसे में पांच लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में लाया गया। बीते दिन गांव के ही वीरेंद्र कुमार की मौत हुई। ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए शव को शमशानघाट ले जा रहे थे। इस दौरान गांव के रास्ते से गुजरते समय अर्थी लेकर चले लोगों पर गोशाला की दीवार गिर गई। इस दौरान विपन शर्मा, शशि शर्मा, ऋषि शर्मा, मुकेश और रमेश घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर लाया गया। यहां इनका उपचार किया जा रहा है।

कार को पास देते मिट्टी में धंसा बस का टायर, अनियंत्रित होकर रेलिंग से टकराई
कांगड़ा जिले के विधानसभा क्षेत्र जसवां प्रागपुर के तहत कोटला बेहड़ में मंगलवार को बड़ा सड़क हादसा होने से टल गया। जानकारी के अनुसार भारी बारिश के बीच कार को पास देते समय एक निजी बस का टायर मिट्टी में धंस गया। इससे बस अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे रेलिंग से जा टकराई। गनीमत रही कि टक्कर के बाद बस रुक गई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। बस में माैजूद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। सभी सवारियों को आपातकालीन खिड़की से सुरक्षित बाहर निकाला गया। किसी को चोट नहीं आई है।

 

 

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Author: NIMRA SALEEM

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