मुरादाबाद के अधिवक्ता कमल कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने पत्नी अर्चना और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले में अर्चना की मां ऊषा देवी की गिरफ्तारी बाकी है। जानें पूरी कहानी

63 साल की उम्र… आंखों में आंसू, सीने में दर्द, जिसे कोई शब्द बयां नहीं कर सकते। जवान बेटे की मौत का ऐसा गम कि बोल भी लड़खड़ा गए। जब अधिवक्ता बेटे कमल कुमार की हत्या की बात छिड़ी, तो पिता सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर डीसी कुमार खुद को संभाल नहीं सके।
फफक कर बोले, अगर अनुसूचित जाति से इतनी ही नफरत थी तो डिवोर्स करा देते। जान क्यों ले ली मेरे बेटे की। हमें तो यह भी नहीं पता था कि उसने प्रेम विवाह किया है। न तो बेटे ने कभी बताया और न ही लड़की के घर वालों ने कभी बात की। अचानक एक दिन सबकुछ खत्म हो गया।
मझोला के कांशीराम नगर में रहने वाले सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर डीसी कुमार ने बताते हैं कि उनके बड़े बेटे कमल कुमार (33) ने एलएलबी की थी और पीसीएस जे की तैयारी कर रहा था। इसके अलावा वह कचहरी में प्रैक्टिस भी करता था।
15 अक्तूबर 2024 की सुबह बेटा वकालत का कार्य बताकर घर से निकला था। शाम तक वह वापस नहीं आया। फोन पर उसने बताया कि वह एक व्यक्ति की जमानत कराने में लगा है। घर लौटने में देर हो जाएगी। इसके बाद वह घर नहीं आया।
18 अक्तूबर को कमल के मोबाइल से एक कॉल आई। कॉल किसी महिला ने की थी। उसने बताया कि आपके बेटे की मौत हो गई है। हम मानवता के नाते आपके बेटे का शव लेकर मुरादाबाद आ रहे हैं। बिजनौर के धामपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला लोहियान गुलमोहर निवासी महीपाल सिंह चौहान, उनकी पत्नी ऊषा देवी, बेटी अर्चना चौहान और दो अन्य लोग शव लेकर घर आ गए। डीसी कुमार ने बताया कि उनके बेटे को कोई बीमारी नहीं थी लेकिन यह लोग बता रहे थे कि हार्ट अटैक से मौत हुई है।
कमल कुमार को दिया गया था जहर
इसके बाद सभी लोग यहां से चले गए थे। सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर की सूचना पर मझोला थाने की पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। जिसमें मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण विसरा सुरक्षित रखा गया है। आठ माह बाद विसरा रिपोर्ट आने के बाद पता चला कि कमल कुमार को जहर दिया गया था। इस मामले में बिजनौर पुलिस ने रविवार को अर्चना चौहान, उसके पिता बीएसएनएल से सेवानिवृत्त कर्मचारी महावीर सिंह को गिरफ्तार हत्याकांड का खुलासा किया है।
इसके बाद सभी लोग यहां से चले गए थे। सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर की सूचना पर मझोला थाने की पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। जिसमें मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण विसरा सुरक्षित रखा गया है। आठ माह बाद विसरा रिपोर्ट आने के बाद पता चला कि कमल कुमार को जहर दिया गया था। इस मामले में बिजनौर पुलिस ने रविवार को अर्चना चौहान, उसके पिता बीएसएनएल से सेवानिवृत्त कर्मचारी महावीर सिंह को गिरफ्तार हत्याकांड का खुलासा किया है।
जिसमें बताया गया कि कमल कुमार ने जाति छिपाकर अर्चना चौहान से शादी की थी। इससे महावीर और अर्चना कमल से नाराज थे। कमल के पिता का कहना है कि बेटे की मौत से पूरा परिवार टूट गया है। बेटे को लेकर तमाम सपने देखे थे।
‘उन्हें जाति से इतनी परेशानी थी यहां आकर बात करते..’
उन्होंने बताया कि कोई अपनी लड़की की शादी करता है तो लड़के के बारे में तमाम जानकारियां करता हैं। महावीर सिंह चौहान को मेरे बेटे के बारे में जानकारी करनी चाहिए थी। अगर उन्हें जाति से इतनी परेशानी थी यहां आकर बात करते। हम दोनों का तलाक करा देते। उन्हें ऐसा करके क्या मिला। मुझे और मेरे परिवार को जीवन भर का दर्द दे दिया है।
उन्होंने बताया कि कोई अपनी लड़की की शादी करता है तो लड़के के बारे में तमाम जानकारियां करता हैं। महावीर सिंह चौहान को मेरे बेटे के बारे में जानकारी करनी चाहिए थी। अगर उन्हें जाति से इतनी परेशानी थी यहां आकर बात करते। हम दोनों का तलाक करा देते। उन्हें ऐसा करके क्या मिला। मुझे और मेरे परिवार को जीवन भर का दर्द दे दिया है।
पिता डीसी कुमार ने बताया कि उनका बेटा गुमसुम और उदास रहता था। कमल से उसकी मां राज दुलारी, बहन पिंकी, सुरभि और छोटा भाई दीपू उदास रहने का कारण पूछते थे लेकिन उसने कभी कुछ नहीं बताया। वह बात टाल देता था। उन्हें नहीं पता था कि बेटा किसी परेशानी में फंस गया है।
पीसीएस जे की कोचिंग में हुई थी अर्चना चौहान से मुलाकात
कमल कुमार दिल्ली में पीसीएस जे की कोचिंग करने गया था। वहां उसकी मुलाकात अर्चना चौहान से हो गई थी। इसके बाद दोनों ने मिलना जुलना शुरू कर दिया था। 2021 में दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया था। दोनों पहले दिल्ली में ही रहते थे। इस दौरान अर्चना चौहान को एक बच्चा भी हुआ था।
कमल कुमार दिल्ली में पीसीएस जे की कोचिंग करने गया था। वहां उसकी मुलाकात अर्चना चौहान से हो गई थी। इसके बाद दोनों ने मिलना जुलना शुरू कर दिया था। 2021 में दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया था। दोनों पहले दिल्ली में ही रहते थे। इस दौरान अर्चना चौहान को एक बच्चा भी हुआ था।
पिता ने बताया कि बेटे की मौत से वह पूरी तरह टूट गए थे लेकिन उन्हें शक था कि बेटे की मौत हार्ट अटैक से नहीं हुई है। उसे कोई बीमारी नहीं थी। एक परिवार मेरे बेटे की लाश बिजनौर से यहां पहुंचाने क्यों आया है। लंबे समय तक मैं पुलिस विभाग में रहा हूं। तमाम केसों की विवेचना की है।
जांच में पूरे मामले ही पलटे देखें हैं। इस मामले में भी मैंने खुद ही जांच शुरू की। बेटे के बारे में एक-एक जानकारी जुटाई। उसका मोबाइल खंगाला तो पता चला कि सारा डाटा डिलिट किया गया है। उनका शक और गहरा गया। इसके बाद बिजनौर और मुरादाबाद के पुलिस अफसरों से संपर्क किया तो लेकिन कोई मदद नहीं मिल पाई।
कई साल से चल रही थी अर्चना और कमल के बीच बात
उन्होंने बरेली जोन के एडीजी को प्रार्थनापत्र देकर जांच कराने की मांग की। एडीजी के आदेश पर सीओ धामपुर ने जांच की। कमल कुमार के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली गई। जिससे पता चला कि अर्चना चौहान और कमल कुमार के बीच कई सालों से बातचीत चल रही है।
उन्होंने बरेली जोन के एडीजी को प्रार्थनापत्र देकर जांच कराने की मांग की। एडीजी के आदेश पर सीओ धामपुर ने जांच की। कमल कुमार के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली गई। जिससे पता चला कि अर्चना चौहान और कमल कुमार के बीच कई सालों से बातचीत चल रही है।
जहर देकर हत्या की बात कबूली
इसी बीच विसरा रिपोर्ट भी आ गई। जिसमें जहर की पुष्टि हुई। तब पुलिस ने अर्चना और उसके पिता महावीर सिंह चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तब आरोपियों ने जहर देकर कमल कुमार की हत्या करने की बात कबूल कर ली।
इसी बीच विसरा रिपोर्ट भी आ गई। जिसमें जहर की पुष्टि हुई। तब पुलिस ने अर्चना और उसके पिता महावीर सिंह चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तब आरोपियों ने जहर देकर कमल कुमार की हत्या करने की बात कबूल कर ली।
मझोला के कांशीराम नगर निवासी अधिवक्ता कमल कुमार ने 2021 में बिजनौर के धामपुर निवासी अर्चना चौहान से प्रेम विवाह किया था। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में पता चला कि अर्चना चौहान से कमल कुमार ने अपनी जाति छिपाकर शादी की थी।
अर्चना और उसके पिता को पुलिस ने किया गिरफ्तार
बाद में अर्चना और उसके पिता को पता चला तो उन्होंने उसकी हत्या करने की साजिश रची। इसके बाद 18 अक्तूबर 2024 को अर्चना ने उसे अपने घर बुला लिया और जहर देकर हत्या कर दी है। इस मामले में धामपुर पुलिस ने रविवार को अर्चना और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले में अर्चना की मां ऊषा देवी की गिरफ्तारी बाकी है।
बाद में अर्चना और उसके पिता को पता चला तो उन्होंने उसकी हत्या करने की साजिश रची। इसके बाद 18 अक्तूबर 2024 को अर्चना ने उसे अपने घर बुला लिया और जहर देकर हत्या कर दी है। इस मामले में धामपुर पुलिस ने रविवार को अर्चना और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले में अर्चना की मां ऊषा देवी की गिरफ्तारी बाकी है।
Author: planetnewsindia
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