EXCLUSIVE: घर पर किस तरह रहते हैं ‘हेरा फेरी’ के बाबू भैया? बेटे आदित्य ने सुनाए परेश रावल से जुड़े किस्से

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Paresh Rawal Birthday: दिग्गज एक्टर परेश रावल के 70वें जन्मदिन के मौके पर बेटे आदित्य रावल ने उनके बारे में कई दिलचस्प बातें बताईं। पेशे से खुद एक एक्टर आदित्य ने बताया कि वो कैसे पापा का जन्मदिन मनाते हैं।

Aditya Rawal Interview Shares how his father and actor paresh rawal deals with lows in life on his birthday

बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर परेश रावल आज अपना 70वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने कई फिल्मों में शानदार एक्टिंग की है, उससे पहले स्टेज पर भी काम किया है और राजनीति में भी अपना नाम बनाया है। लेकिन एक पिता के तौर पर उनका बेटा उन्हें कैसे देखता है।

भले ही पर्दे पर उन्होंने कई हिट फिल्मों में काम किया हो लेकिन घर पर वो अपनी जिंदगी कैसे बिताते हैं। घर पर अपने बच्चों के साथ वो कैसे वक्त बिताते हैं। अमर उजाला डिजिटल के साथ उनके बेटे आदित्य रावल ने बातचीत की और बताया कि वो घर पर कैसे रहते हैं।

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सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।