लखवीर सिंह एक बम धमाके की चपेट में आकर घायल हुए। वहीं पांचाल गोली लगने से घायल हुए। मलकीत सिंह ने पवन कुमार के शव को वापस लाने के लिए भारी गोलीबारी की चिंता नहीं की। इस अदम्य साहस के लिए इन जवानों को शांतिकाल के तीसरे सबसे बड़े सम्मान शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।

सीआरपीएफ के कोबरा कमांडों ने नक्सल विरोधी अभियानों में जबरदस्त वीरता का प्रदर्शन किया। इसके चलते गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित हुए वीरता पुरस्कार समारोहों में सात कोबरा कमांडों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन में इन जवानों ने गजब की बहादुरी और जीवटता दिखाते हुए नक्सलियों के किले को भेद दिया। जवानों की इस बहादुरी का ही नतीजा है कि नक्सली अब अपने गढ़ में ही घिर गए हैं, जिससे जल्द नक्सलवाद के खात्मे की उम्मीद बढ़ गई है।
Author: planetnewsindia
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