पहलगाम हमले के बाद भारत ने आईएमएफ के समक्ष पाकिस्तान को दिए गए ऋण पर चिंता जताई है, साथ ही इसकी समीक्षा करने की मांग की है। एक सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान ऋण से मिले पैसों का इस्तेमाल आतंकी हमलों और नापाक गतिविधियों में कर रहा है। आईएमएफ कार्यकारी बोर्ड विस्तारित वित्तपोषण सुविधा की पहली समीक्षा के लिए 9 मई को पाकिस्तानी अधिकारियों से मुलाकात करेगा।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठा चुका भारत अब आतंकवाद के पनाहगाह पर आर्थिक शिकंजा कसने की तैयारी में है। इस रणनीति के तहत भारत ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से पाकिस्तान को दिए गए ऋणों की समीक्षा करने को कहा है। साथ ही उसने पाकिस्तान को वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) की ग्रे सूची में शामिल कराने की कोशिश भी शुरू कर दी है। एफएटीएफ की ग्रे सूची में शामिल होने और आईएमएफ के ऋण मंजूरी नहीं देने से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका लगेगा।