डिफेंस सिक्योरिटी कॉपरेशन एजेंसी ने बताया कि इस प्रस्तावित सौदे का उद्देश्य विदेशी नीति को मदद देना और राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों को पूरा करने के साथ ही भारत और अमेरिका के संबंधों को रणनीतिक स्तर पर मजबूत करना है।

भारतीय नौसेना को मिलेंगे ये औजार और तकनीक
अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के तहत काम करने वाली डिफेंस सिक्योरिटी कॉपरेशन एजेंसी ने बुधवार को बताया कि सौदे के तहत भारत को एडवांस्ड सी विजन सॉफ्टवेयर, ट्रेनिंग और सपोर्ट सर्विस मिलेगी, इससे भारत की मेरीटाइम डोमेन में जागरुकता बढ़ेगी और साथ ही दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी भी बेहतर होगी। अमेरिका के विदेश विभाग ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में इस सौदे की जानकारी दी है। डिफेंस सिक्योरिटी कॉपरेशन एजेंसी ने बताया कि इस प्रस्तावित सौदे का उद्देश्य विदेशी नीति को मदद देना और राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों को पूरा करने के साथ ही भारत और अमेरिका के संबंधों को रणनीतिक स्तर पर मजबूत करना है। साथ ही हिंद प्रशांत महासागर और दक्षिण एशिया के सबसे अहम देश के साथ सुरक्षा साझेदारी को मजबूत कर
सौदे में वर्जीनिया स्थित कंपनी को बनाया गया ठेकेदार
अमेरिका का कहना है कि इस सौदे से क्षेत्रीय सैन्य संतुलन पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। इस रक्षा सौदे के मुख्य ठेकेदार वर्जीनिया स्थित हॉकआई 360 (Hawkeye 360) कंपनी को बनाया गया है, जो विश्लेषणात्मक तकनीक और समुद्री निगरानी प्रणालियों के क्षेत्र में अग्रणी मानी जाती है।