दिल्ली में आंधी तूफान और बारिश के कारण हवाई यात्रा पर इसका असर पड़ा है।

Picture of planetnewsindia

planetnewsindia

SHARE:

दिल्ली में आंधी तूफान और बारिश के कारण हवाई यात्रा पर इसका असर पड़ा है। दिल्ली एयरपोर्ट ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि यात्री अपने घर से फ्लाइट का शेड्यूल देखकर निकलें। अब तक 40 फ्लाइट कैंसिल हुई हैं और 100 लेट हुई हैं।

दिल्ली में खराब मौसम के कारण 140 से ज्यादा फ्लाइट प्रभावित हुई हैं। बारिश और तूफान के कारण दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से 40 फ्लाइट कैंसिल हो चुकी हैं, जबकि 100 फ्लाइट लेट हुई हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई ने दिल्ली एयरपोर्ट से सूत्रों के हवाले से बताया कि एक फ्लाइट को अहमदाबाद और दो फ्लाइट को जयपुर डायवर्ट किया गया, जबकि कई अन्य फ्लाइट रद्द हुई हैं। इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा देश का सबसे बड़ा और व्यस्त हवाई अड्डा है, जो प्रतिदिन लगभग 1,300 उड़ानों का संचालन करता है।

अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार सुबह आंधी और तेज हवाओं के कारण फ्लाइट प्रभावित हुईं। एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड ने कहा कि खराब मौसम के कारण कुछ उड़ानें प्रभावित हुईं। कंपनी ने सुबह 5.20 बजे एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “हमारी ऑन-ग्राउंड टीमें सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रही हैं, ताकि यात्रियों को निर्बाध और कुशल अनुभव मिल सके।”

planetnewsindia
Author: planetnewsindia

8006478914

सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।