Kaushambi News : कोखराज में मिट्टी का टीला धसने से पांच लोगों की मौत, दो की हालत नाजुक

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Kaushambi News : कोखराज में मिट्टी का टीला धसने से पांच लोगों की मौत, दो की हालत नाजुक बनी हुई है।

Kaushambi News: 6 dead, 2 in critical condition after mound collapses in Kokhraj

मिट्टी का टीला ढहने से बड़ा हादसा हो गया। टीले में दबकर 5 लोगों की मौत हो गई। 3 लोग हादसे में घायल हुए है। सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया। शोर गुल सुन मौके पर पहुंचे ग्रामीण। ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर सभी को बाहर निकाला। सुबह लगभग 7:30 बजे की घटना घर की पुताई के लिए मिट्टी की कर रहे थे खुदाई। 5 मौतों से गांव में मातम का माहौल। परिजनों का रो-रोकर बुराहाल है। मौके पर पुलिस एवं फायर ब्रिगेड टीम मौजूद कोखराज थाना क्षेत्र के टीकरडीह में हुआ हादसा। संगीता देवी उम्र लगभग 35 वर्ष पत्नी राजेश। ममता उम्र लगभग 32 वर्ष पत्नी अवधेश। कछरही उम्र लगभग 65 वर्ष पत्नी छोटेलाल। उमा उर्फ सुमन उम्र 14 वर्ष पुत्री मायादीन। खुशी उम्र लगभग 16 वर्ष पुत्री मूलचंद।

सीएम योगी ने दिए इलाज के आदेशमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद कौशांबी में हुए हादसे का संज्ञान लिया. मुख्यमंत्री जी ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है. इस हादसे ने एक बार फिर मिट्टी खुदाई के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर मुद्दा उठा दिया है. प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सहायता का आश्वासन दिया है।

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Author: planetnewsindia

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सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।