सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी कहते हैं कि सांप काटने के केस में एक मरीज को 10 एंटी वेनम इंजेक्शन लगते हैं। प्रत्येक सीएचसी पर इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता रहती है। यह भी सही है कि अंधविश्वास के चलते सर्प दंश के मामलों में लोग स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने में देरी करते हैं।

घर से महज 500 मीटर दूर है अस्पताल। लेकिन फिर भी वहां जाकर इलाज कराने के बजाए झाड़फूंक में समय बर्बाद करते रहे। अलीगढ़ के ग्रामीण अंचल में अंधविश्वास का जाल ऐसा फैला है कि लोग सांप के डसने के बाद अस्पताल नहीं जा रहे हैं। आंकड़े भी इसकी गवाही देते हैं। वर्ष 2024 में 1270 लोगों को सांप ने डसा था जिनमें से 406 की जान चली गई। इनमें से अधिकांश ग्रामीण इलाकों के वह लोग थे जिन्होंने झाड़फूंक पर भरोसा किया। या फिर अस्पताल पहुंचने में देर कर दी। जबकि प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम के 400 इंजेक्शन रखे ही रह गए।
अगर कोबरा सांप डस ले तो मरीज को फौरन अस्पताल ले जाएं। दरअसल, शुरुआत के 30 मिनट मरीज के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। अगर समय रहते मरीज को एंटी स्नैक वेनम इंजेक्शन लग जाए तो उसकी जिंदगी बच सकती है। फिर भी व्यक्ति की उम्र, अवस्था और सांप के जहरीले होने पर निर्भर करता है।
केस- 1
गोधा निवासी अलाउद्दीन के 8 वर्षीय बेटे आसिफ को सांप ने डस लिया। बेटे ने कहा हाथ में दर्द हो रहा है। अलाउद्दीन ने दर्द की गोली खिला दी। इस लापरवाही से बचाव का कीमती समय निकल गया। थोड़ी देर बाद बच्चे ने आंखों के आगे अंधेरा होने की बात कही। परिवार वालों ने कमरे में अंदर सांप देखा। जब तक अस्पताल पहुंचे काफी देर हो चुकी थी।
केस-2
हालत बिगड़ने पर बायगीर भागा, मौत हुई
अकराबाद के गांव धोहरी में एक महिला धान की रोपाई कर रही थी। इसी दौरान उसे जहरीले सांप ने डस लिया। परिवार वालों ने बायगीर को बुलाया। छह घंटे के बाद बायगीर भाग गया। महिला को स्वास्थ्य केंद्र लाया गया लेकिन महिला की मौत हो चुकी थी।
एक मरीज को लगते हैं 10 एंटी वेनम इंजेक्शन
सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी कहते हैं कि सांप काटने के केस में एक मरीज को 10 एंटी वेनम इंजेक्शन लगते हैं। प्रत्येक सीएचसी पर इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता रहती है। यह भी सही है कि अंधविश्वास के चलते सर्प दंश के मामलों में लोग स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने में देरी करते हैं।
सीएचसी पर दो चार महीने के अंतराल पर ही आते हैं केस
प्राथमिक उपचार के बाद भी
नौरंगाबाद में रहने वाले सर्प विशेषज्ञ ओंकार सिंह कहते हैं कि यह सही है कि अंधविश्वास में फंसकर कुछ लोग स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने में देर कर देते हैं। या वहां पर पहुंचते ही नहीं है। इससे वहां पर रखे इंजेक्शन की अवधि निकल जाती है। उसे नष्ट करना पड़ता है।
पिछले वर्ष सांप के काटने से 406 मौतें
एडीएम वित्त एवं राजस्व और दैवीय आपदा मामलों की प्रभारी मीनू राणा कहती हैं। पिछले वर्ष सांप के काटने के 406 मामलों में निर्धारित मुआवजा चार लाख रुपये प्रदान किया गया था। ऐसे मामलों में जल्द से जल्द चिकित्सा केंद्र पहुंचना बहुत जरूरी है।
सांप ने डसा, तो ये करें
-सांप ने शरीर के जिस अंग पर डसा है, उस अंग को बिल्कुल न हिलाएं।
-अगर खून बह रह रहा तो बहने दें। खून रोकने के लिए बीटाडीन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
-जिस व्यक्ति को सांप ने डसा है उसे परेशान न होने दें। जितना जरूरी हो, उसे स्थिर रखें।
-जिस जगह सांप ने डसा और घाव हो गया है तो उस जगह को ढीली और साफ पट्टी से बंद रखें।
-सबसे जरूरी बात है। सांप ने कब, कहां डसा है, इसकी जानकारी परिजनों को रखनी चाहिए।
Author: planetnewsindia
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