
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शादी हुई। शादी के बाद विवाहिता पति के साथ नहीं गई और वापस मायके लौट गई। युवती पक्ष को लगभग 11 हजार रुपये का सामान मिल गया। युवती के बैंक खाते में 35 हजार रुपये भी ट्रांसफर कर दिए गए। अब युवती उस युवक के साथ रहने से इन्कार कर रही है।
थाना हरदुआगंज क्षेत्र के गांव इमलानी की संतोषी पुत्री रमेश चंद्र का रिश्ता लगभग आठ माह पहले कस्बे के मोहल्ला जहांगीराबाद निवासी मनोज पुत्र रमेश के साथ तय हुआ था। दोनों परिवारों ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में आवेदन कर दिया। बीती 22 फरवरी को दोनों का विवाह कस्बे के रुक्मिणी विहार गेस्ट हाउस में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में हुआ। अब लगभग एक महीने बाद विवाहिता ने युवक के साथ रहने से इन्कार कर दिया है। 20 मार्च को हरदुआगंज थाने में तकरार होने के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
बता दें कि शादी के समय युवती पक्ष को लगभग 11 हजार रुपये का सामान (बर्तन, साड़ी, सूट, शृंगार बॉक्स, पायल व बिछुआ आदि) प्रशासन द्वारा दिया गया। हफ्ते भर बाद शासन स्तर से युवती के बैंक खाते में 35 हजार रुपये भी ट्रांसफर कर दिए गए। शादी के बाद आयोजन स्थल से ही विवाहिता अपने मायके वालों के साथ अपने घर वापस लौट गई। अब युवती उस युवक के साथ रहने से इन्कार कर रही है।
Author: planetnewsindia
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