मां शीतला की पूजा कर मनाया बासोडा

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Sunil Kumar

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होली के पावन पर्व के बाद बासौड़ा(मां शीतला पूजा ) का पर्व भी हिंदू समाज के लोगों में पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस दिन लोग एक दिन पूर्व भोजन व पकवान बनाकर अगले दिन मंदिर-मंदिर जाकर देवी पूजन किया।
सोमवार को बासोडा पूजा के तहत महिलाओं ने शहर की बाहरी सीमा की परिक्रमा की और माता की कृपा पाने हेतु सुरक्षा चक्र बनाया। मान्यता है कि चैत्र मास में बदलते मौसम के कारण विभिन्न बीमारियों का प्रकोप हो जाता है। इन बीमारियों को शांत करने के लिए शीतला माता व अन्य देवी को प्रसन्न करने के लिए सभी परिवार के साथ सासनी के सीयल पर पहुँचे जहाँ विधिवत पूजा अर्चना करते हैं। कस्बा में मुहल्ला पथवारी, पीपल वाला मुहल्ला, चामण वाला मुहल्ला आदि जगहों पर होते हुए बासोडा की पूजा की। महिलाओं ने बासोडा पूजा में बासी पकवानों का भोग शीतला माता को अर्पित किया जाता है। इस दिन घर का चूल्हा नहीं जलता और कोई ताजा खाना नहीं पकाया जाता। जिससे शीतला माता की पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है।

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Author: Sunil Kumar

SASNI, HATHRAS

सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।