प्रख्यात ओडिसी नृत्यांगना श्रेयाश्री पति को प्रतिष्ठित प्रतिभा रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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भुवनेश्वर:- ओडिसी ओडिशा का लोकप्रिय नृत्य है। यह नृत्य अब न केवल ओडिशा में बल्कि ओडिशा के बाहर विभिन्न स्थानों में भी काफी लोकप्रियता हासिल कर चुका है। यह नृत्य मात्र नृत्य नहीं है, यह एक साधना है। और इस साधना का अभ्यास करने वाले नर्तक अपने नृत्य के माध्यम से विभिन्न रूपों का प्रदर्शन करते हैं। भुवनेश्वर की बेटी अंतरराष्ट्रीय नृत्यांगना श्रेयाश्री पति कई वर्षों से इस नृत्य का अभ्यास करने के लिए चर्चा में हैं।

अंतर्राष्ट्रीय नृत्यांगना श्रेयाश्री पति को ओडिशा की अग्रणी संस्था हैप्पी मोमेंट्स द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में एकाम्र प्रतिभा रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित जयदेव भवन में आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भुवनेश्वर एकाम्र विधायक बाबू सिंह, भुवनेश्वर विधायक अनंत नारायण जेना, अर्जुन पुरस्कार विजेता मिनती महापात्रा, हैप्पी मोमेंट्स इंडिया के अध्यक्ष राजेंद्र पांडा और पद्मश्री विजेता प्रसन्ना पटनायक थे।

मनोज कुमार त्रिपाठी
स्टेट हेड, ओडिशा
प्लानेट न्यूज़ इंडिया

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Author: planetnewsindia

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संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।