Aligarh News: चीनी 44 तो गुड़ 50 से 80 रुपये किलो तक, दाम बढ़ने की यह है बड़ी वजह

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गुड़ कारोबारी कहते हैं कि इसके औषधीय लाभ देखते हुए इसकी मांग में इजाफा हुआ है। यही दाम बढ़ने का कारण है। जैसे-जैसे शुगर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है, चीनी की तुलना में गुड़ की मांग बढ़ रही है।

बीते कुछ महीनों से गुड़ की मांग बढ़ रही है। बढ़ती मांग के चलते अब इसके दाम चीनी के मुकाबले आगे निकल गए हैं। शहर के बाजारों में इस समय गुड़ 50 रुपये प्रति किलो के भाव से मिल रहा है तो चीनी 44 रुपये प्रति किलो पर है। गुड़ की अन्य किस्में भी हैं, जो 80 रुपये प्रति किलो तक हैं।

गुड़ कारोबारी कहते हैं कि इसके औषधीय लाभ देखते हुए इसकी मांग में इजाफा हुआ है। यही दाम बढ़ने का कारण है। जैसे-जैसे शुगर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है, चीनी की तुलना में गुड़ की मांग बढ़ रही है।

 

गुड़ में नेचुरल शुगर होती है, जो इसे ताकतवर बनाती है। इसमें विटामिन और मिनरल्स होते हैं। सुक्रोज चीनी की तुलना में कम होता है। अच्छी गुणवत्ता के गुड़ में 70 फीसदी तक सुक्रोज पाया जाता है, जबकि सफेद चीनी में इसकी मात्रा 99.7 फीसदी तक होती है। इसलिए यह सेहत के लिए लाभदायक है। -डॉ. अंतरिक्ष शर्मा, आयुर्वेद के जानकार।

गुड़ चीनी से महंगा होने के कई कारण हैं। गन्ने की कीमत के साथ ही इसके उत्पादन प्रक्रिया भी चीनी की तुलना में अधिक जटिल और समय लेने वाली है। इसके अलावा त्योहारों और विशेष अवसरों पर मांग बढ़ जाती है। सेहत के लिए अच्छा होने से अब इसकी मांग भी बढ़ी है। -गोपाल बाबू गुप्ता, नौरंगाबाद, किराना थोक व्यापारी

गुड़ और चीनी की कीमतें (रुपये प्रति किलो)

  • चीनी -44
  • गुड़ सादा – 50
  • गुड़ स्पेशल- 55
  • गुड़ मूंगफली और काली मिर्च युक्त- 80
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Author: planetnewsindia

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सबसे ज्यादा पड़ गई

आरोप है कि करीब 45 मिनट बाद फैक्टरी के कुछ वर्कर, जिनका नेतृत्व वर्क हाउस मैनेजर पारस कर रहा था, ने आयकर टीम पर हमला बोल दिया। टीम के सदस्य जब अपनी जान बचाने के लिए गाड़ियों में बैठे तो आरोपियों ने उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की। टीम की अर्टिगा गाड़ी पर भारी पथराव किया गया, जिससे उसके शीशे टूट गए। हमले में ड्राइवर जगदीप को गंभीर चोटें आई हैं। एक अन्य हुंडई वर्ना गाड़ी के हैंडल तोड़ दिए और ड्राइवर के साथ हाथापाई कर उसके कपड़े फाड़ दिए। सरकारी दस्तावेज और मुहर फैक्ट्री में छूटे टीम के अनुसार, हमले के दौरान टीम को जान बचाकर भागना पड़ा। इस दौरान आयकर अधिकारी अमरजीत की कुछ किताबें, आधिकारिक मुहर और मोबाइल चार्जर फैक्टरी परिसर में ही छूट गए। मौके पर मौजूद एएसआई तेजपाल ने किसी तरह टीम को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद जॉइंट कमिश्नर शक्ति सिंह भी मौके पर पहुंचे।