ठाकुरद्वारा के फरीदनगर गांव में लगन की दावत के बाद 100 से ज्यादा लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। बीमारों को सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने दूषित मावा और तेल को वजह बताया है।

ठाकुरद्वारा के गांव फरीदनगर में लगन की रस्म में दावत खाने के बाद 100 से अधिक लोग बीमार हो गए। कुछ देर बाद उल्टी, दस्त होने पर उन्हें बीमार होने की जानकारी हुई। बीमारों को सरकारी और प्राइवेट अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। डाक्टरों ने फूड प्वाइजनिंग से हालत बिगड़ने की बात कही है।
सोमवार को राजपाल सिंह के बेटे की उत्तराखंड के महुआ खेड़ागंज से शादी की लगन आई थी। लगन की रस्म संपन्न होने के बाद शाम पांच बजे लोग खाना खा रहे थे। पूरे गांव की दावत थी। दावत में पूड़ी, सब्जी, गाजर का हलवा, रसगुल्ला, चिकन, दही का रायता आदि बना था। दावत खाने के बाद जब लोग अपने घरों को पहुंचे तो कुछ देर बाद उन्हें उल्टी, दस्त होने लगा।
गांव और दोनों पक्षों के 100 से अधिक लोग फूड प्वाइजनिंग की चपेट में आने से बीमार हो गए। बीमार लोगों के परिजनों ने आनन-फानन बच्चों सहित कई लोगों को नगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं काफी संख्या में लोग निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। जहां उनका उपचार जारी है।
गांव के प्रधान पति अतीक अहमद ने बताया कि पूरे गांव की दावत थी। उन्होंने भी दावत खाई थी। उनकी तबीयत भी खराब हो गई है। उनके अनुसार 100 से ज्यादा लोग बीमार हो गए हैं। गांव के रविंद्र कुमार के पांच वर्ष के बेटे रयान और नौ वर्षीय पुत्री भूमि को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उनके परिजनों ने बताया कि उन्होंने चिकन खाया था। जबकि अनीता और अनमोल (18) ने गाजर का हलवा, रसगुल्ला खाया था। उनका भी सरकारी अस्पताल में उपचार चल रहा है। इसी गांव के निजी अस्पताल में उपचार करा रहे अजय कुमार ने बताया कि खाना गांव जटपुरा निवासी हलवाई ने बनाया था और मिठाई बनाने के लिए मावा की आपूर्ति इगरा निवासी व्यक्ति ने की थी।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने दोनों को पकड़ कर पूछताछ भी की। इनके अलावा वीर सिंह चंगेर, अमित, वीर सिंह आदि ने बताया कि उन्होंने गाजर का हलवा, रसगुल्ले खाए थे। जिन्हें खाने के कुछ देर बाद ही उनकी हालत बिगड़ गई। डाॅ. जुनैद आलम ने बताया कि खाना खाने के बाद बीमार हुए लोग इलाज कराने अस्पताल पहुंचे हैं।
मरीजों से बातचीत की गई है। मिठाई बनाने में प्रयोग किया गया मावा और खाना बनाने में इस्तेमाल किया तेल नकली या गलत हो सकता है। जिसकी वजह से फूड प्वाइजनिंग हुई। दूषित पानी पीने से भी लोग बीमार हो सकते हैं।
गांव फरीदनगर में हुई फूड प्वाइजनिंग की घटना में पुलिस की जांच में ज्यादा लोग गाजर का हलवा खाने से बीमार हुए पाए गए हैं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विवेक शर्मा ने बताया कि देर शाम उन्होंने सूचना पर गांव में पहुंचकर फूड प्वाइजनिंग की घटना की जांच की। बीमार हुए लोगों से पूछताछ की। जांच में पाया गया कि जो लोग बीमार हुए हैं उनमें से ज्यादातर ने गाजर का हलवा खाया या रसगुल्ला खाया था। यदि कोई व्यक्ति कानूनी कार्रवाई के लिए तहरीर देगा तो उसकी रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
Author: planetnewsindia
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