
अब पुलिस को गंभीर अपराधों की जांच ऑनलाइन करनी होगी
एप्लीकेशन eSakshya शुरू करने के लिए पुलिस आयुक्त अनुपमसिंह गहलोत ने दिए आदेश
शहर में अभी तक पुलिस द्वारा की गई जांच के दस्तावेजी साक्ष्य कागजों पर ही पेश किए जाते थे। इस मामले में पुलिस की भूमिका विवादास्पद होने के आरोप किए जा रहे थे, अब उसके सामने वीडियो ऑनलाइन पोस्ट होने के बाद इस गैर-रीति पर अंकुश लगने की संभावना है।
भारतीय दंड संहिता और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 लागू होने के बाद अब पुलिस जांच के लिए eSakshya एप्लीकेशन का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया गया है।
कुछ प्रकार के अपराधों की जांच में वह अभियुक्तों के बयानों, छापेमारी के दौरान बरामदगी के दौरान अब अधिकारी को eSakshya एप्लीकेशन का इस्तेमाल करना होगा।
अब प्रदेश के पुलिस थानों में शुरू कर दिया गया है। अभी तक पुलिस जगह पर जाकर बयान भरती थी, लेकिन अब वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के अनुसार अब धारा 100, धारा 173, धारा 179, धारा 180, धारा 202, धारा 203, धारा 204 के तहत जांच के दौरान वीडियोग्राफी अनिवार्य है।
शराब और जुए सहित अपराध स्थल की जांच के दौरान वीडियोग्राफी अनिवार्य है।
चोरी का माल, जाली दस्तावेज, जाली मुद्रा, जाली टिकट, पोर्नोग्राफी, अश्लील साहित्य, बम बनाने का संदेह, हथियार या इसके अलावा, हिरासत में लिए गए व्यक्तियों की जांच के लिए, जब्त माल और सभी तरह की तलाशी आदि करता ही तीसरे अध्याय (धारा 96 से धारा 103) में उल्लिखित प्रावधानों के तहत जब्ती वारंट के आधार पर की जाती है, इसका वीडियोग्राफी की जाए।
इसके अलावा किसी भी मामले की कार्यवाही की वीडियोग्राफी मामला दर्ज करने से पहले या उन सभी मामलों में की जानी है, जिनमें प्राथमिकी दर्ज किया जाना है। यानी एनडीपीएस, जुआ जैसे मामलों की कार्रवाई के दौरान आरोपी से जब्त की जाने वाली किसी भी चीज को वीडियोग्राफी करनी होगी।
शिकायत दर्ज करते समय वीडियोग्राफी भी अनिवार्य है।
अब बलात्कार, छेड़छाड़, सभी प्रकार के यौन हमलों में शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया की अनिवार्य वीडियोग्राफी करनी होगी। इसके साथ ही पीड़ित और गवाहों के बयान की भी वीडियोग्राफी अनिवार्य कर दी है।
रिपोर्टर आशीष शुक्ला प्लानेट न्यूज़ सूरत गुजरात इंडिया
Author: planetnewsindia
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