जिंदा जले दुरपति की मौत की जानकारी उसकी पत्नी ईलू बाई को तब हुई जब वह नगर के मंदिरों के दर्शन कर अपने सभी दल के सदस्यों के साथ लौटकर आई। जली बस देखकर पति को वहां न पाकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। 
वृंदावन के तेलंगाना से बस में धर्मिक यात्रा में आए दु्रपति के जिंदा जल जाने के बाद उसकी पत्नी का रो-रोकर हाल बुरा है। जब से स्थानीय लोगों ने हाल जानने का प्रयास किया तो उसकी आंखों से आंसू निकलने लगे। वह तेलगू भाषा में बोल रही थी और आंखों से अपना दर्द बयां कर रही थी।
पर्यटक सुविधा केंद्र में खड़ी बस में लगी आग में जिंदा जले दुरपति की मौत की जानकारी उसकी पत्नी ईलू बाई को तब हुई जब वह नगर के मंदिरों के दर्शन कर अपने सभी दल के सदस्यों के साथ लौटकर आई। जली बस देखकर पति को वहां न पाकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
उसने टूटी फूटी हिंदी में बताने का प्रयास किया कि उसके पति भी कुछ कदम बस से निकलकर उसके साथ चले। लेकिन तबीयत खराब होने पर वह बस की ओर ही लौट गए थे। अपना दर्द आखों के जरिए बयां कर रही है। वहीं बाकी श्रद्धालु भी बस में छोड़कर गए बैग और सूटकेस में बचा सामान और रकम तलाश रहे थे।
उनके बस में लगी आग से भी बैग में अधजले ओर कुछ रकम सही सलामत मिल गई। तेलंगाना की श्रद्धालु नाथाबाई ने बताया कि उसके सात हजार रुपये आग से बच गए हैं। उसने भगवान को धन्यवाद किया। इसी प्रकार अन्य यात्री भी बस में अधजले सामान में अपने रखी धनराशि तलाश रहे हैं।
यात्री सुबह आठ बजे तेलंगाना के लिए होंगे रवाना
पर्यटक सुविधा केंद्र के व्यवस्थापक कुलदीप दीक्षित ने बताया कि तेलंगाना के सभी यात्रियों के लिए रात में भोजन एवं ठहरने की व्यवस्था के केंद्र पर ही की गई है। सुबह करीब आठ बजे वह वृंदावन से सीधे तेलंगाना के लिए दो बसों में रवाना होंगे। उन्हें सुबह साढे़ सात बजे भोजन देने के साथ ही रास्ते के लिए भी भोजन की व्यवस्था की गई है। एक बस 30 सीटर और दूसरी बस 20 सीटर की गई है।
Author: planetnewsindia
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