टीबी रोग की कार्यशाला के बाद टांग दिया बैनर, लो हो गई किसान गोष्ठी
कागजों में लिखा गया कि इस मेला-गोष्ठी में स्टॉल लगाकर किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं से जागरूक किया जाएगा। लेकिन ब्लॉक स्तरीय अधिकारी-कर्मचारियों ने किसानों को इसकी सूचना तक नहीं दी। ब्लॉक सभागार के बाहर अपना स्टाल लगाकर कुर्सियां बिछा दीं।

हद हो गई…। अखबारों में खबर छपवा ली। बैनर बनवा लिया, लेकिन जिन किसानों के लिए गोष्ठी का आयोजन कियाथा, उन्हें ही नहीं बुलाया। ब्लॉक परिसर में टीबी (क्षय) रोग की कार्यशाला समाप्त हुई तो उसमें शामिल स्वास्थ्य कर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ब्लॉक कर्मी और प्रधानों को ही कृषि विभाग के कर्मचारियों ने बाहर बिछवाई गई अपनी कुर्सियों पर बुला लिया। और इस तरह से खंड स्तरीय कृषि निवेष मेला-रबी गोष्ठी कर ब्लॉक भर के किसान जागरूक कर दिए गए।
बीडीओ और ब्लॉक प्रमुख को भी बुला लिया। ब्लॉक प्रमुख ने उन्हीं चेहरों को फिर सामने देखा जिन्हें कुछ मिनट पहले अंदर सभागार में संबोधित करके निकले थे तो भड़क उठे। पूछा कि कितने किसान, प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्यों को किसान गोष्ठी में आमंत्रित किया गया? संतोषजनक जवाब न मिलने पर कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को खूब खरी-खोटी सुनाई।
Author: planetnewsindia
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