Aligarh: रबड़ी, मुनक्का, बर्फी को किया बदनाम, अलीगढ़ में इन नामों से बिक रहा नशे का सामान

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अलीगढ़ में चरस, अफीम और गांजा को रबड़ी, मुनक्का और बर्फी के नाम से बाजार में बेचा जा रहा है। यह अधिकतर स्कूल, कॉलेज और डिग्री कॉलेज के पास की गुटके, चाय और पान आदि पर मिल जाता है।

रबड़ी, मुनक्का और बर्फी। सब जानते हैं कि यह मिठाई है। लेकिन नशे की दुनिया के अड्डों पर अगर आप मुनक्का मांगेंगे तो भांग मिलेगी। रबड़ी बोलेंगे तो स्मैक की पुड़िया थमा दी जाएगी और धीरे से बर्फी का नाम लेते ही अफीम आपके सामने होगी। अनूपशहर रोड, रामघाट रोड, जीटी रोड और सासनी गेट रोड पर खुलीं छोटी दुकानें, खोखे और सड़क किनारे गुटका और बीड़ी सिगरेट की फड़ लगाए बैठे लोग इन मिठाई के नाम से ही अपने ग्राहक की पहचान करते और उसे नशे का सामान मुहैया करा देते हैं। इन अड्डों पर स्कूल-कालेज के छात्र भी देखे जा सकते हैं।

अलीगढ़ में युवा पीढ़ी तेजी के साथ नशे की गिरफ्त में आ रही है। कई जगह तो कालेजों के आसपास भी पेपर सिगरेट बिक रही है। इसके भीतर गांजा भरकर दिया जा रहा है। रामघाट रोड पर मिले एक शख्स ने कुछ ही देर में नशे के पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया। किस नाम से क्या बिक रहा है पूरा बता दिया। यहां से मिली जानकारी के बाद जब अमर उजाला की टीम नशे के ठिकानों को देखने पहुंची तो यहां सारा सामान कोड वर्ड से बिकता हुआ मिला। 

Case one: दो स्कूली छात्र स्कूल के बाहर एक दुकान पर पहुंचे। बोले, एक पुड़िया, दो पेपर दे दो। दुकानदार ने बिना देरी किए छात्रों के हाथ में पेपर सिगरेट व गांजा की एक पुड़िया थमा दी। दुकानदार ने जो पैसा मांगा, उसे दे दिया। यह छात्र दुकान के पास एक कोने में पहुंचे और लंबा लंबा कश मारने लगे।

CASE TWO:

जीटी रोड के मालगोदाम के पास कुछ छात्र किसी शख्स के इंतजार में खड़े हुए थे, तभी एक व्यक्ति आया, जिससे उन्होंने काला सोना मांगा। उसने कागज की एक पुड़िया थमाई और पैसे लिए फिर वह कहीं चला गया। यहां पता चला कि काला सोना चरस को कहा जा रहा था।

CASE THREE:

जीटी रोड के मालगोदाम के पास कुछ छात्र किसी शख्स के इंतजार में खड़े हुए थे, तभी एक व्यक्ति आया, जिससे उन्होंने काला सोना मांगा। उसने कागज की एक पुड़िया थमाई और पैसे लिए फिर वह कहीं चला गया। यहां पता चला कि काला सोना चरस को कहा जा रहा था।

CASE FOUR:

शहर के एक मेडिकल स्टोर पर कुछ स्कूली बच्चे खांसी की दवा कोरेक्स लेने पहुंचे। दवा की शीशी लेकर थोड़ी दूर जाकर एकांत जगह में एक साथ पी ली और चलते बने।

  • ,शहर में स्कूल, काॅलेज के बाहर अगर नशीले चीजों की बिक्री हो रही है, तो इसकी रोकथाम के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। छापा मार अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि स्कूली बच्चों को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सके।– अमित कुमार भट्ट, एडीएम सिटी
  • बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव योगेश सारस्वत का कहना है कि स्कूल चाहें सरकारी हो या फिर निजी, इनके बाहर दुकानों पर नशे की चीजें बेचना कानूनी जुर्म है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस एवं प्रशासन को अभियान चलाकर कार्रवाई करनी चाहिए।
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Author: planetnewsindia

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