रिपोर्टर रजनीश पाण्डेय सूरत गुजरात प्लानेट न्यूज

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सूरत में लग्जरी बस हुई बेकाबू, 8 वाहनों में मारी टक्कर, 1 की मौत, 4 जख्मी

सूरत। जिले के कामरेज टोल प्लाजा के समीप शुक्रवार सुबह एक अनियंत्रित निजी लग्जरी बस ने 8 वाहनों में टक्कर मार दी। इस हादसे में 01 व्यक्ति की मौत हो गयी और 04 अन्य घायल हुए हैं। पुलिस ने बस चालक को गिरफ्तार कर लिया है। सूरत के कामरेज के समीप कनैया ट्रेवेल्स की लक्जरी बस अनियंत्रित होकर 8 छोटे-बड़े वाहनों को टक्कर मारती हुई सड़क की रेलिंग से जा टकराई। घटना में एक वाहन चालक की मौत हो गयी है जबकि 4 लोग घायल हुए हैं। घायलों को समीप के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बस चालक को बस से नीचे उतारकर जमकर धुनाई की। स्थानीय लोगों के अनुसार बस चालक नशे की हालत में था। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है। बस गुंदा से जामनगर होते हुई सूरत आ रही थी।

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सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।