
उज्जैन के छाया नगर में रहने वाले रिटायर्ड बैंक कर्मी के साथ डिजिटल हाउस अरेस्ट कर 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।सायबर ठग ने उन्हें दो दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा था। इस दौरान उन्होंने अपनी पत्नी व मां को भी इसकी जानकारी नहीं दी। रुपये ट्रांजेक्शन करने के बाद उन्हें पता चला कि उनके साथ ठगी की गई है।
टीआइ राकेश भारती ने बताया कि एसबीआई के रिटायर्ड मैनेजर राकेश कुमार जैन उम्र 65 वर्ष निवासी छाया नगर के पास दो दिन पूर्व सीबीआई अधिकारी बनकर एक बदमाश ने फोन कर धमकाया कि मनी लॉड्रिंग में उसका नाम सामने आया है।
उनके बैंक खातों में करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया है। इस आधार पर उसे आरोपित बनाया जा रहा है। वह अपने घर में ही रहें और किसी को घर के अंदर ना आने दें और ना ही बाहर जाने दें। वीडियो काल पर वह फोन के सामने ही बैठे रहें।
ठग ने जैन के इंटरनेट मीडिया वाट्सएप पर दिल्ली कोर्ट व सीबीआइ का एक वारंट भेजा था। इसमें उसे डिजिटल अरेस्ट किए जाने का आदेश था। जिसे देखकर वह बुरी तरह घबरा गए थे। उन्होंने किसी को इसकी जानकारी नहीं दी थी। दो दिनों तक लगातार उन्हें अपनी बातों में उलझाए रखा तथा जमकर डराया धमकाया।
सायबर अपराधी ने दो दिनों के दौरान जैन से 50 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जैसे ही रुपये ठग के बैंक खातों में गए वहां से पूरी राशि निकाल ली गई। जैन को बाद में पता चला कि उनके साथ ठगी की गई है। जिस पर उन्होंने माधवनगर पुलिस को शिकायत की थी। एसपी प्रदीप शर्मा ने सायबर सेल के अधिकारियों को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा है।
Author: planetnewsindia
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