भारतीय टीम के दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 मैच के दौरान लिए गए फैसले को लेकर सवाल खड़े किए हैं। भारत को इस मैच में विंडीज के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा जिससे पांच मैचों की सीरीज 1-1 की बराबरी पर पहुंच गई।

दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने टीम प्रबंधन के फैसले पर सवाल उठाए हैं। गावस्कर का मानना है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ रांची में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत ने तेज गेंदबाज मयंक यादव या बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के बजाय कुलदीप यादव को महत्वपूर्ण 17वां ओवर सौंपकर बड़ी गलती की। कुलदीप ने इस ओवर में 24 रन लुटाए, जिसमें तीन छक्के, एक चौका और एक वाइड शामिल थी। इससे 250 रन के लक्ष्य का पीछा कर रहे वेस्टइंडीज का पलड़ा भारी हो गया। वेस्टइंडीज ने यह मैच छह विकेट से जीतकर पांच मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली।
मयंक को लेकर क्या बोले गावस्कर?
गावस्कर ने कहा, मैं 17वें ओवर में अर्शदीप या मयंक में से किसी एक को गेंदबाजी के लिए बुलाता। अर्शदीप ने अपने आखिरी ओवर (18वें ओवर) में खूब रन लुटाए, लेकिन मयंक ने शुरुआती झटके दिए थे। मयंक का इकॉनोमी रेट लगभग 12 रन प्रति ओवर था और उस समय वेस्टइंडीज को इससे अधिक रन चाहिए थे। इसलिए अगर उन्होंने विकेट ले लिया होता तो मैच आपके पक्ष में जा सकता था।
गावस्कर का मानना था कि उस महत्वपूर्ण मोड़ पर मयंक का एक और विकेट वेस्टइंडीज पर भारी दबाव डाल सकता था और उसके लिए मुश्किल पैदा कर सकता था। उन्होंने कहा, जब एक बार विकेट मिल जाए तो विपक्षी टीम अचानक बैकफुट पर आ जाती है। एक नए बल्लेबाज को आना पड़ता है। इसलिए उस समय मयंक को आजमाया जाना चाहिए था। इसके अलावा मुझे लगता है कि नौवें ओवर में शिवम दुबे को गेंदबाजी के लिए बुलाना सही फैसला नहीं था। तब बल्लेबाज लय हासिल करने की कोशिश कर रहे थे और इसलिए तब कुलदीप को लाना शायद बेहतर विकल्प होता।
वेस्टइंडीज ने रिकॉर्ड लक्ष्य हासिल किया
वेस्टइंडीज ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दूसरा सबसे बड़ा रन चेज सफलतापूर्वक हासिल किया। क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में सबसे बड़ा रन चेज दक्षिण अफ्रीका ने वेस्टइंडीज के खिलाफ हासिल किया था, जब टीम ने 259 रन बनाकर जीत दर्ज की थी। टी20 क्रिकेट में यह महज सातवां मौका है, जब किसी मुकाबले में 250 या उससे ज्यादा का रन चेज सफलतापूर्वक किया गया है।

