कस्बा के कृष्णचंद्र मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान आचार्य खगेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी विवाह के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा सुनकर मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु भक्ति में भावविभोर हो उठे।
बुधवार को कथा में आचार्य खगेंद्र शास्त्री ने रुक्मणी विवाह प्रसंग सुनाते हुए बताया कि विदर्भ नरेश की पुत्री रुक्मणी भगवान श्रीकृष्ण को अपना पति मान चुकी थीं। जब उन्हें पता चला कि उनका विवाह उनकी इच्छा के विरुद्ध शिशुपाल से कराने की तैयारी की जा रही है तो उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को संदेश भेजकर अपनी इच्छा बताई। रुक्मणी ने भगवान श्रीकृष्ण पर पूर्ण विश्वास जताते हुए उन्हें अपना उद्धार करने के लिए कहा। कथा में आचार्य ने बताया कि रुक्मणी की प्रार्थना स्वीकार करते हुए भगवान श्रीकृष्ण विदर्भ पहुंचे और रुक्मणी को अपने साथ ले गए। इसके बाद विधि-विधान के साथ दोनों का विवाह संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि रुक्मणी विवाह प्रसंग सच्चे प्रेम, समर्पण और भगवान के प्रति अटूट विश्वास का संदेश देता है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में सहभागिता की और भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणी के जयकारे लगाए। इस मौके पर यजमान राजेश कुमार गुप्ता श्रीमती भारती गुप्ता कमलेश गुप्ता रिंकी गुप्ता पिंकी गुप्ता प्रियंका गुप्ता अंकित गुप्ता मधुर गुप्ता अर्चना गुप्ता कुशांक गुप्ता सौम्या पीहू के अलावा भक्तजन मौजूद रहे.


