उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पं. विवेक उपाध्याय ने पुलिस-प्रशासन पर आधी रात को उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें नजरबंद करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस कार्रवाई से आक्रोशित कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी पर सीधा हमला करार दिया है।
शुक्रवार को कांग्रेज जिलाध्यक्ष ने कड़े शब्दों में विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि दिनांक 1 अक्टूबर की आधी रात को पुलिस सासनी तहसील स्थित उनके पैतृक गांव बाधनू स्थित आवास पर पहुंची और उन्हें घर में ही नजरबंद कर दिया। उन्होंने कहा, क्या आधी रात को एक जनप्रतिनिधि को हाउस अरेस्ट करना कानून-व्यवस्था की मुख्य जिम्मेदारी रह गई है? अगर पुलिस के पास अपराध रोकने और आम जनता को सुरक्षा देने के लिए पर्याप्त काम नहीं बचे हैं, तो क्या विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए रात के अंधेरे में पुलिस भेजना ही एकमात्र काम रह गया है? कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में सवाल पूछना, जनहित के मुद्दों को उठाना और अपनी बात रखना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने पुलिस और जिला प्रशासन की इस मनमानी कार्रवाई पर गहरी आपत्ति जताते हुए मांग की है कि प्रशासन तुरंत इस कार्रवाई का ठोस और स्पष्ट कारण सार्वजनिक करे। आरोप लगाया कि सत्ता के दबाव में विपक्ष को जनहित के मुद्दे उठाने से रोकने के लिए पुलिस बल का दुरुपयोग किया जा रहा है। आधी रात को हुई इस कार्रवाई के बाद से स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी गुस्सा है, तथा इस मामले को लेकर जिले का राजनीतिक पारा चढ़ गया है।



