निलंबित छात्र यासिर फहद 21 सितंबर से भूख हड़ताल पर हैं। सात दिन में उनका चार किलो वजन घटकर 67 से 63 किलो हो गया है। आंदोलन को जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष अदिति का समर्थन मिल गया है, उन्होंने कहा कि 2018-19 के बाद एएमयू में छात्रसंघ चुनाव नहीं हुआ, छात्रों की मांग सुनी जानी चाहिए।

एएमयू में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन रविवार को परिसर की सड़कों तक पहुंच गया। छात्रों ने अल्लामा इकबाल हॉल से डक पॉन्ड तक विरोध मार्च निकाला। यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मार्च के डक पॉन्ड पहुंचने के बाद आंदोलन में छात्राओं की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। छात्राएं धरने पर बैठ गईं और छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। डक पॉन्ड पर छात्राओं ने जमीन पर वी वांट एएमयू एसयू और या डेथ लिखकर विरोध दर्ज कराया। छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर एमए उर्दू प्रथम वर्ष के छात्र यासिर फहद 21 सितंबर से भूख हड़ताल पर हैं। रविवार को उनके आंदोलन को समर्थन देने के लिए छात्राएं डक पॉन्ड पहुंचीं।
सात दिन में यासिर का वजन चार किलो घटा
भूख हड़ताल बैठे छात्र यासिर फहद का वजन सात दिन में चार किलो कम हो गया है। यासिर ने बताया कि 21 सितंबर को भूख हड़ताल शुरू करते समय उनका वजन 67 किलो था, जबकि 27 सितंबर को सातवें दिन वजन 63 किलो रह गया।
भूख हड़ताल बैठे छात्र यासिर फहद का वजन सात दिन में चार किलो कम हो गया है। यासिर ने बताया कि 21 सितंबर को भूख हड़ताल शुरू करते समय उनका वजन 67 किलो था, जबकि 27 सितंबर को सातवें दिन वजन 63 किलो रह गया।
जेएनयू छात्रसंघ का मिला समर्थन
आंदोलन को अब जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली छात्रसंघ का भी समर्थन मिला है। जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष अदिति ने आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि वह एएमयू छात्रों के साथ हैं। अदिति ने कहा कि एएमयू में 2018-19 के बाद छात्रसंघ चुनाव नहीं हुआ। छात्रों की मांग को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जेएनयू छात्रसंघ एएमयू के छात्रों के साथ खड़ा है।
आंदोलन को अब जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली छात्रसंघ का भी समर्थन मिला है। जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष अदिति ने आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि वह एएमयू छात्रों के साथ हैं। अदिति ने कहा कि एएमयू में 2018-19 के बाद छात्रसंघ चुनाव नहीं हुआ। छात्रों की मांग को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जेएनयू छात्रसंघ एएमयू के छात्रों के साथ खड़ा है।
